JP Morgan भारत में जीसीसी में करीब 1000 लोगों की भर्ती करेगी, ये प्रोफेशनल्स कर सकते हैं अप्लाई

जेपी मॉर्गन के भारत के 5 शहरों में सेंटर्स हैं। इनमें करीब 55,000 एंप्लॉयीज हैं। कंपनी के भारत में सबसे बड़े सेंटर बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में हैं। कंपनी अपने बिजनेस के विस्तार को ध्यान में रख भारत में एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ा रही है

अपडेटेड Jul 23, 2026 पर 11:48 AM
इंडिया में कई दिग्गज कंपनियों के 2,100 से ज्यादा GCC हैं, जिसमें करीब 24 लाख लोग काम करते हैं।

जेपी मॉर्गन भारत में करीब 1,000 लोगों की भर्ती करेगी। यह भर्ती कंपनी भारत में अपने ग्लोबल कपैलिटी सेंटर (जीसीसी) में करेगी। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। हालांकि, इस अमेरिकी फाइनेंशियल कंपनी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वजह से उसके बैंक के कुछ डिवीजंस में एंप्लॉयीज की जरूरत 30 से 40 फीसदी तक कम हो गई है।

इन प्रोफेशनल्स की भर्ती पर होगा कंपनी का फोकस

JP Morgan भारत में ज्यादातर टेक्नोलॉजी स्पेशियलिस्ट्स की भर्ती पर फोकस करेगी। इनमें क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सिक्योरिटी और AI डेटा पाइपलाइंस शामिल होंगे। उम्मीदवारों को हैकररैंक-बेस्ड एसेसमेंट्स टेस्टिंग कोडिंग, डेटा स्ट्रक्चर्स, एल्गोरिद्म और सिस्टम आर्किटेक्र से जुड़े टेस्ट्स देने होंगे। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी।


जेपी मॉर्गन के भारत के 5 शहरों में सेंटर्स हैं

इस दिग्गज अमेरिकी फाइनेंशियल कंपनी और बैंक के भारत के 5 शहरों में सेंटर्स हैं। इनमें करीब 55,000 एंप्लॉयीज हैं। कंपनी के भारत में सबसे बड़े सेंटर बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई में हैं। कंपनी अपने बिजनेस के विस्तार को ध्यान में रख भारत में एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ा रही है। उसने मुंबई में 2029 तक 20 लाख वर्ग फीट में GCC बनाने का वादा किया है। इस मेगा कैंपस में 30,000 लोगों के काम करने की जगह होगी। ये सभी टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस प्रोफेशनल्स होंगे।

जीसीसी इनवेस्टमेंट बैंक और बैंक दोनों को सेवाएं देता है

मनीकंट्रोल ने इस बारे में जेपी मॉर्गन से सवाल पूछे हैं, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। जेपी मॉर्गन चेज (JPMC) ग्लोबल पेरेंट कंपनी है, जबकि जीसीसी उसका इनटर्नल हब है, जो जेपी मॉर्गन इनवेस्टमेंट बैंक और चेज रिटेल बैंक दोनों को टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस सेवाएं देता है। एंप्लॉयीज कानूनी रूप से JPMC के तहत आते हैं। लेकिन, वे दोनों ब्रांड्स में से एक के लिए प्रोडक्ट्स बनाते हैं।

इंडिया में 2100 GCC में 24 लाख लोग काम करते हैं

इंडिया में कई दिग्गज कंपनियों के 2,100 से ज्यादा GCC हैं, जिसमें करीब 24 लाख लोग काम करते हैं। इससे करीब 98.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू आता है। जेपी मॉर्गन का हायरिंग प्लान कंपनी के सीईओ जेमी डायमन के यह बताने के बाद आया है कि AI से बैंक में एंप्लॉयीज की संख्या 30 से 40 फीसदी तक कम करने में मदद मिली है।

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ग्लोबल कपैबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी का मतलब क्या है?

मल्टीनेशनल कंपनियां आम तौर पर ऐसे देश में GCC बनाती हैं, जहां कॉस्ट कम आती है और टैलेंट उपलब्ध होता है। ये सेंटर पेरेंट कंपनी के सेंट्रलाइज ऑपरेशंस में मदद करते हैं। आजकल कई कंपनियां जीसीसी का इस्तेमाल इनोवेशन इंजन या सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में करती हैं। इन सेंटर्स में एंप्लॉयीज स्पेशियलाइज्ड और कॉम्प्लेक्स फंक्शंस को पूरा करते हैं।

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