रॉकेट बन सकता है इस रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी का शेयर, एनालिस्ट ने दी खरीदने की सलाह

Juniper Green Energy के शेयर में 25 सितंबर को आई तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट है। ब्रोकरेज फर्म ने दरअसल जूनिपर ग्रीन के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने शेयर पर 'बाय' (buy) रेटिंग दी है

अपडेटेड Sep 26, 2026 पर 1:36 PM
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कंपनी का शेयर 25 सितंबर को 2.50 फीसदी चढ़कर 264.15 रुपये पर बंद हुआ।

अगर आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में हैं, जो दमदार रिटर्न दे सकता है तो आप जूनिपर ग्रीन एनर्जी पर विचार कर सकते हैं। इस शेयर में 25 सितंबर को अच्छी तेजी देखने को मिली। एक समय यह 3 फीसदी तक चढ़ गया था। हालांकि, यह 2.50 फीसदी चढ़कर 264.15 रुपये पर बंद हुआ। यह देश की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है।

ब्रोकरेज फर्म ने दी खरीदने की सलाह

Juniper Green Energy के शेयर में 25 सितंबर को आई तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट है। ब्रोकरेज फर्म ने दरअसल जूनिपर ग्रीन के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने शेयर पर 'बाय' (buy) रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 371 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि शेयर मौजूदा प्राइस लेवल से करीब 40 फीसदी चढ़ सकता है।


कंपनी को पावर की बढ़ती मांग का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जूनिपर ग्रीन देश की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी (RE) आईपीपी में से एक है। इसका फोकस सोलर, विंड, हाइब्रिड, एफडीआरई और बीईएसएस प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशनल यूटिलिटी स्केल पर है। कंपनी का ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 2GW का है, जबकि टोटल पोर्टफोलियो 8.4GW का है।

 देश की टॉप 10 RE IPP कंपनियों में शामिल

जूनिपर ग्रीन देश की टॉप 10 RE IPPs में से एक है। कंपनी के 2.7GW प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि आगे पावर की डिमांड काफी बढ़ने वाली है, जिसका फायदा जूनिपर ग्रीन को मिलेगा। पीक पावर डिमांड की ग्रोथ FY32 तक 6-7 फीसदी CAGR रहने की संभावना है। इससे यह छह साल में 388GW तक पहुंच जाएगा, जो अभी 271GW है।

कंपनी को प्रोफेशनल मैनेजमेंट का सपोर्ट

जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि जूनिपर ग्रीन को प्रोफेशनल मैनेजमेंट का सपोर्ट हासिल है। मैनेजटमेंट की आरई वैल्यू चेन में अच्छी एक्सपर्टाइज है। कंपनी का रेवेन्यू FY22 में 1.7 अरब रुपये था, जो FY26 में बढ़कर 7 अरब रुपये हो गया। इस दौरान EBITDA 1.5 अरब रुपये से बढ़कर 6 अरब रुपये हो गया, जबकि टैक्स बाद प्रॉफिट 0.3 अरब रुपये से बढ़कर 0.4 अरब रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 84 फीसदी है।

आगे हर पैमाने पर अच्छी ग्रोथ की संभावना 

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है, "FY26 से FY29 के दौरान रेवेन्यू का सीएजीआर 101 फीसदी, EBITDA का सीएजीआर 104 फीसदी और टैक्स बाद प्रॉफिट का 208 फीसदी रह सकता है।" हालांकि, कंपनी के लिए रेगुलेटरी, एग्जिक्यूशन, कमोडिटी, ग्रिड और कर्टेलमेंट से जुड़े रिस्क दिख रहे है।

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अगस्त में लिस्ट हुए थे कंपनी के शेयर

कंपनी ने पिछले महीने अपना आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर 6 अगस्त को करीब 9 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए थे। लिस्टिंग के बाद से कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को नहीं मिली है। 25 सितंबर को शेयर में तेजी दिखी, जिसकी वजह जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट है।

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