Kataria IPO Listing: पहले ही दिन पैसे डबल, 90% प्रीमियम पर एंट्री के बाद शेयर अपर सर्किट पर

Kataria IPO Listing: कटारिया इंडस्ट्री के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 393 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। खुदरा निवेशकों ने भी इसमें खूब पैसे लगाए थे। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबार सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Jul 24, 2024 पर 4:23 PM
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Kataria IPO Listing: कटारिया का ₹54.58 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-19 जुलाई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है। (File Photo- Pexels)
     
     
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    Kataria IPO Listing: कटारिया इंडस्ट्रीज (Kataria) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल  393 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 96 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 182.40 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Kataria Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 191.50 रुपये (Kataria Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.48 फीसदी मुनाफे में हैं।

    Kataria IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

    कटारिया का ₹54.58 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-19 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 393.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 171.04 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 970.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 274.61 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 56.85 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी प्लांट और मशीनरी की खरीदारी, कर्ज चुकाने, और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।


    Kataria के बारे में

    वर्ष 2004 में बनी कटारिया इंडस्ट्रीज लो रिलैक्सेशन प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (LRPC) स्ट्रैंड्स और अन्य प्रकार के स्टील वायर, पोस्ट-टेंशनिंग (PT) एंकरेज सिस्टम (एंकर कोन, एंकर हेड और वेजेज). HDPE सिंगल-वॉल करेगेटेड (SWC), शीथिंग डक्ट्स, कपलर्स और एलुमिनियम कपलर्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंफ्रा, सड़कों, पुलों, फ्लाईओवर, मेट्रो, रेलवेज, हाई-राइज बिल्डिंग्स, एटॉमिक रिएक्टर्स, एलएनजी टैंक, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन लाइन्स में इस्तेमाल होता है। घरेलू बिक्री के साथ-साथ इसके प्रोडक्ट्स का निर्यात दुबई, कतर, नेपाल, ईरान, ओमान, बहरीन और ब्राजील को भी होता है।

    कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 7.38 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 7.78 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 10.02 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 16 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 341.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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