बैन लगा तो 10% टूटा शेयर, अब PowerGrid ने दी राहत तो KEC नहीं बना रॉकेट

KEC International Share Price: जब केईसी के लिए पावरग्रिड ने अपने टेंडर प्रोसेस में हिस्सा लेने को लेकर 'नो एंट्री' का बोर्ड लगाया था तो केईसी के शेयर धड़ाम हो गए थे और 10% टूट गए थे। ऐसे में जब यह बैन हटा तो उम्मीद जगी थी कि आज यह शेयर रॉकेट बनेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जानिए ऐसा क्यों और आगे क्या रुझान है

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 1:42 PM
मार्च 2026 तिमाही में KEC का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 28% घटकर ₹193 करोड़ और रेवेन्यू 7% फिसलकर ₹6,390 करोड़ रह गया।

KEC International Share Price: करीब सात महीने पहले पावरग्रिड (Powergrid) ने केईसी इंटरनेशनल को अपने टेंडर में हिस्सा लेने पर रोक लगाया था तो इसके शेयर 10% टूट गए थे तो अब यह बैन समय से पहले हटने पर उम्मीद जगी थी कि यह तेजी से ऊपर भागेगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और आज केईसी के शेयर 2% से अधिक टूट गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद केईसी के शेयर संभल नहीं पाए और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.05% की गिरावट के साथ ₹517.25 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.43% फिसलकर ₹515.20 तक आ गया था।

KEC पर PowerGrid ने क्यों समय से पहले हटाया बैन

पावरग्रिड ने अपने टेंडर्स में हिस्सा लेने को लेकर केईसी इंटरनेशनल पर 18 नवंबर 2025 से नौ महीने तक बैन लगा दिया था। अब कंपनी ने 26 जून की रात एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि कंपनी की दलीलों और आदेश लागू होने के बाद किए गए सुधारात्मक कदमों पर विचार करने के बाद यह पाबंदी हटा ली गई है। देश के T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) सेक्टर में उभरते मौकों को देखते हुए कह सकते हैं कि कंपनी को यह राहत अच्छे समय पर मिल गई।


फिर शेयरों पर क्यों दिखा अलग-अलग असर और आगे क्या रुझान

जब केईसी के लिए पावरग्रिड ने अपने टेंडर प्रोसेस में हिस्सा लेने को लेकर 'नो एंट्री' का बोर्ड लगाया था तो केईसी के शेयर धड़ाम हो गए थे और 10% टूट गए थे। ऐसे में जब यह बैन हटा तो उम्मीद जगी थी कि आज यह शेयर रॉकेट बनेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसकी मुख्य वजह तो ये है कि मार्केट में आज बिकवाली का काफी दबाव है और बीएसई पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक एनबीसी, एनसीसी और एलएंडटी जैसी इसकी पियर्स के भी शेयर लाल हैं। अब आगे की बात करें तो पावरग्रिड का बैन हटने से केईसी के ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत हुई हैं जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है।

कैसी है केईसी इंटरनेशनल की सेहत?

पिछले वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2026 केईसी इंटरनेशनल काफी चुनौतीपूर्ण रही। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 28% घटकर ₹193 करोड़ और रेवेन्यू 7% फिसलकर ₹6,390 करोड़ रह गया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 16.7% घटकर ₹448.4 करोड़ रह गया तो काम पूरा करने में दिक्कतों और बढ़ी हुई लागत के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन भी कम होकर 7% रह गया।

अब एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो केईसी इंटरनेशनल ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। पिछले साल 26 जून 2025 को बीएसई पर यह ₹947.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में यह 50.80% फिसलकर पिछले महीने 19 मई 2026 को ₹466.10 के भाव तक आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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