केईसी इंटरनेशनल के पहले तिमाही के नतीजों पर प्रोजेक्ट पूरे करने की सुस्त रफ्तार और लेबर मार्केट से जुड़े चैलेंजेज का असर दिखा था। इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही कंपनी के लिए बेहतर रहने की उम्मीद है। टीएंडडी बिजनेस में हालात बेहतर हुए हैं और कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। लेकिन, कंपनी केबल बिजनेस को मॉनेटाइज करने का प्लान बना रही है जिससे शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू बढ़ने की संभावना से कंपनी का स्टॉक फोकस में रह सकता है।
वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर
KEC International के शेयरों में हाल में गिरावट आई है। इससे स्टॉक की कीमतें अट्रैक्टिव दिख रही हैं। यह स्टॉक सितंबर में 1,067 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया था। अब यह गिरकर 1000 रुपये के करीब आ गया है। इस स्टॉक में अनुमानित अर्निंग्स के 23 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। कंपनी की कमाई तस्वीर साफ है, जिससे स्टॉक की वैल्यूएशन ज्यादा नहीं लग रही है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में केबल बिजनेस की हिस्सेदारी 8-10 फीसदी के बीच है। इस बिजनेस के एक या दो सब्सिडियरी कंपनियों के पास ट्रांसफर होने की उम्मीद है। इससे शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू बढ़ेगी और कैपिटल ऐलोकेशन बढ़ेगा।
रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद
केबल इंडस्ट्री की ग्रोथ अगले 3-4 साल में अच्छी रहने की उम्मीद है। केईसी इंटरनेशनल इस ग्रोथ की संभावनाओं का फायदा उठाना चाहती है। जहां तक T&D बिजनेस का बात है तो कंपनी को अच्छी ऑर्डरबुक की वजह से इसमें रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। इस साल अगस्त तक कंपनिी ने करीब 11,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए थे। इसके पास L1 ऑर्डर्स 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं। 30 जून, 2024 तक कंपनी की ऑर्डरबुक 32,715 करोड़ रुपये की थी। यह इसके सालाना रेवेन्यी का 1.64 गुना है। इससे अगले दो साल में कंपनी की रेवेन्यू बहुत अच्छी रहने की उम्मीद है।
कंपनी के मैनेजमेंट ने अर्निंग्स को लेकर जो गाइडेंस दिया है, वह उम्मीद जगाती है। कंपनी ने कहा है कि उसने FY25 में 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ के टारगेट को बनाए रखा है। इसमें मजबूत ऑर्डरबुक और T&D बिजनेस में अच्छी ग्रोथ का हाथ होगा। कंपनी ने इस साल 25000 करोड़ रुपये के ऑर्डर का अनुमान जताया है। इसके अलावा कंपनी का मार्जिन बढ़ रहा है। इसमें सब्सिडियरी कंपनियों का योगदान है। साथ ही टीएंडडी बिजनेस बढ़ रहा है।
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क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?
केईसी इंटरनेशनल ने कर्ज घटाने का प्लान बनाया है। जून 2024 के अंत में इसने अपने नेट कर्ज में कमी की है। इससे कुल कर्ज घटकर 5,596 करोड़ रुपये रह गया है। इसमें अफगानिस्तान से 160 करोड़ रुपये कलेक्शन और एसएई डिविजन में 100 करोड़ रुपये के ज्यादा इंटरेस्ट वाले कर्ज के रीपेमेंट का हाथ है। एसएई कर्ज अब 40 फीसदी से ज्यादा कम हो चुका है। अब कुल कर्ज सिर्फ 300 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी की वैल्यूएशन अच्छी है। बैलेंसशीट स्ट्रॉन्ग है और ऑर्डर बुक भी अच्छी है। इससे शेयरों में आगे तेजी दिख सकती है।