इक्विटी बाजार जोरदार बुल रन के दौर में है। जिसमें निवेशकों की वेल्थ में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। कंपनियों के मजबूत नतीजे, टीकाकरण की बढ़ती गति और जोरदार लिक्विडिटी ने बाजार में जोश भर दिया है।

इक्विटी बाजार जोरदार बुल रन के दौर में है। जिसमें निवेशकों की वेल्थ में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। कंपनियों के मजबूत नतीजे, टीकाकरण की बढ़ती गति और जोरदार लिक्विडिटी ने बाजार में जोश भर दिया है।
इस बीच बाजार जानकारों के बीच इस बात को लेकर बहस हो रही है कि बाजार कुछ जरूरत से ज्यादा ही गर्म हो गया है। ऐसे में अब कभी भी बाजार में करेक्शन मुमकिन है। यहां हम आपको इक्विटी बाजार से जुड़े ऐसे मंत्र दे रहे हैं, जिससे आप अपना जोखिम कम करते हुए ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
लंबे नजरिए से करें निवेश
इक्विटी बाजार में प्रवेश से पहले यह बात दिमाग में रखने की जरूरत है कि लंबी अवधि का निवेश ही हमें अच्छा मुनाफा दे सकता है। शार्ट टर्म के नजरिए से इक्विटीज काफी वोलेटइल होती हैं। शार्ट टर्म के निवेश में इक्विटी में आने वाला भारी उतार-चढ़ाव आपको डरा सकता है। वहीं जब आप अपने निवेश में लंबे समय तक बने रहते हैं तो बाजार के तार-चढ़ाव से होने वाला जोखिम काफी कम हो जाता है। यहां लंबी अवधि के निवेश से हमारा मतलब 8-10 साल के निवेश के नजरिए से हैं। लॉन्ग टर्म के निवेश में आपको बीच-बीच में आने वाली रैलियों से काफी फायदा मिलता है।
बाजार को टाइम करने की कोशिश न करें
बाजार में अच्छे रिटर्न के लिए बाजार को अपने हिसाब से टाइम करने की कोशिश न करें और यह संभव भी नहीं है। बाजार में अच्छे रिटर्न के लिए आपको ज्यादा समय तक रुकना होगा। यह बात भी ध्यान रखें कि दिग्गज से दिग्गज निवेशक इस बात की भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि बाजार कब और किस करवट बैठेगा।
इस बात को ध्यान में रखते हुए क्वालिटी शेयरों का चुनाव करके लंबे समय तक बाजार में टिकें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी कम होगा और बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहेगी
3-किस्तों में करें निवेश
जब बाजार बुल रन में हो तब कभी भी अपना पैसा एक मुस्त एक ही जगह पर न लगाएं। बल्कि रुक-रुक कर किस्तों में निवेश करें। ऐसा करने पर बाजार में एकाएक आने वाली बड़ी गिरावट या किसी शार्ट टर्म करेक्शन में आप बहुत बड़े घाटा होने से बच जाएंगे। इसके साथ ही पानी में कूदने से पहले उसकी गहराई का अंदाजा लगा लेना भी एक अच्छी रणनीति है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को सलाह है कि वो छोटी-छोटी राशि को SIP के जरिए म्यूचुअल फंडों में लगाएं। SIP में किसी गिरावट की स्थिति में आपको ज्यादा यूनिटें मिलती हैं और समय बीतने के साथ ही आपकी औसत खरीद कीमत घटती जाती है। इसके अलावा एसआईपी में निवेश करने से आपको अनुशासित तरीके से निवेश करने की आदत पड़ती है जो लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन अहम मंत्र है।
सारे अंडे एक ही टोकरी में ना रखें
निवेशकों के लिए एक सबसे बड़ा मंत्र ये है कि कभी भी एक ही सेक्टर या इक्विटी में अपना सारा पैसा न लगाएं। अपने पोर्टफोलियो में लार्ज, मिड और स्माल कैप में अलग-अलग पैसे का आवंटन करें। ध्यान रखने की बात है कि लार्ज कैप फंड आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता देते हैं। वहीं मिड और स्माल कैप में ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता होती है। इस चीज को ध्यान में रखके अलग-अलग सेक्टर और सेगमेंट में अपना पैसा बांटकर निवेश करें। डाइवर्सिफिकेशन से रिस्क रिवॉर्ड रेशियो बेहतर होता है।
भेड़ चाल से बचें
इक्विटी मार्केट में भेड़ चाल आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। कभी भी किसी मित्र, जानपहचान वाले, बाजार के किसी तथा कथित जानकार के प्रभाव में आकर दूसरे की देखी देखा निवेश न करें। ऐसी कंपनियों में ही निवेश करें, जिनका फंडामेंटल अच्छा हो, जिनकी कॉर्रपोरेट गर्वनेंस अच्छी हो, जिनकी बैलेंस सीट मजबूत हो और जिनका आउटलुक अच्छा हो। इसके साथ ही समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करते रहें। जिन फंडों या शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, जिनका आउटलुक अच्छा नजर नहीं आ रहा है, उनकी छंटनी करके बेहतर आउटलुक और प्रदर्शन वाले फंडों और शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करें।
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