Why Market Fall: क्यों नहीं संभल पा रहा स्टॉक मार्केट? इन पांच कारणों ने बनाया तगड़ा दबाव

Why Market Fall: स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन भारी गिरावट रही। इन पांच दिनों में निवेशकों के 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब चुके हैं। मार्केट में यह गिरावट मिडिल ईस्ट में राजनीतिक तनाव के चलते तो है ही, इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में उछाल और दिग्गज कंपनियों की कमजोर सितंबर तिमाहियों ने भी इस पर दबाव बनाया है

अपडेटेड Oct 26, 2023 पर 12:15 AM
Story continues below Advertisement
आज BSE Sensex लुढ़ककर 64 हजार और Nifty 50 भी फिसलकर 19100 के नीचे आ गया था।

Why Market Fall: स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन भारी गिरावट रही। इन पांच दिनों में निवेशकों के 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब चुके हैं। मार्केट में यह गिरावट मिडिल ईस्ट में राजनीतिक तनाव के चलते तो है ही, इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में उछाल और दिग्गज कंपनियों की कमजोर सितंबर तिमाही ने भी इस पर दबाव बनाया है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें तो आज BSE Sensex लुढ़ककर 64 हजार और Nifty 50 भी फिसलकर 19100 के नीचे आ गया था। ब्रोकरेज फर्म जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के मुताबिक इजराइल-हमास जंग के चलते जो अनिश्चितता बनी हुई है, वह नियर टर्म में मार्केट पर दबाव बनाएगा।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के भाव में नरमी से मार्केट को रिकवर होने में मदद मिलेगी लेकिन यह टिकाऊ नहीं हो पाएगा, जब तक कि मिडिल ईस्ट में चीजें पटरी पर नहीं आ जाती हैं। यहां उन सभी कारणों के बारे में बताया जा रहा है जिन्होंने मार्केट पर बिकवाली का भारी दबाव बनाया।

Stock Market Closing Bell: लगातार पांचवे दिन मार्केट में कोहराम, डूब गए 2.09 लाख करोड़ रुपये


Israel-Hamas war

निवेशकों के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता का विषय मिडिल ईस्ट है जहां इजराइल और हमास के बीच चल रही जंग के चलते जियोपॉलिटिकल रिस्क गहरा गया है। मिडिल ईस्ट में अधिकतर देश तेल निकालते हैं और इसी की सप्लाई को लेकर वैश्विक इकनॉमी में चिंता हो रही है। अगर यह विवाद गहराता है तो कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ेंगी और इससे कच्चे माल की भी कीमतें ऊपर भागेंगी और नतीजतन ओवरऑल मार्केट को महंगाई का तगड़ा झटका लगेगा। मार्केट की मौजूदा बिकवाली यह संकेत दे रहा है कि निवेशक फटाफट इस स्थिति से निकलना चाहते हैं।

US bond yield

अमेरिकी बॉन्ड्स को दुनिया में सबसे सुरक्षित विकल्प के रूप में माना जाता है। इस समय 10 साल की अवधि वाले अमेरिकी बॉन्ड्स की यील्ड बढ़ रही है और 5 फीसदी के लेवल को भी पार कर गया। इसके चलते एनालिस्ट्स अब अनुमान लगा रहे हैं कि उभरते और रिस्क वाले मार्केट से निवेशक पैसे वापस खींच सकते हैं। इसकी वजह ये है कि निवेशक फिलहाल अमेरिकी बॉन्ड्स में पैसे लगाने को प्रॉयोरिटी देंगे जहां उन्हें बिना रिस्क के 5 फीसदी के सालाना दर पर डॉलर में रिटर्न मिल जाएगा जबकि भारतीय शेयरों में एक तो जियो पॉलिटिकल रिस्क है और दूसरा करेंसी रिस्क भी है। विदेशी निवेशक इस महीने 10345 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेच चुके हैं।

ओवरबॉट हुए Nifty 500 के ये 4 शेयर, समझें इसका मतलब और चेक करें शेयरों की लिस्ट

Q2 earnings

सितंबर तिमाही में भारतीय कंपनियों की स्थिति डांवाडोल रही और नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आए। दिग्गज कंपनियों के कमजोर नतीजे ने पूरे मार्केट को दबाव में डाल दिया। अधिकतर आईटी कंपनियां सुस्ती से जूझ रही हैं तो बैंक सिकुड़ते मार्जिन से जूझ रहे हैं।

Global markets

घरेलू स्टॉक मार्केट पर वैश्विक मार्केट ने भी काफी दबाव बनाया है। सभी यूरोपीय मार्केट आज गिरावट के साथ खुले। एशियाई मार्केट्स की बात करें तो इनमें मिला-जुला रहा। सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के मार्केट रेड जोन में बंद हुए जबकि बाकी मार्केट्स में कुछ रिकवरी रही।

इन दो वजहों से चढ़ता जा रहा BSE का शेयर, 5 कारोबारी दिनों में 24% का उछाल

Equity valuations

भारत और अमेरिका उन देशों में शुमार हैं, जहां शेयर बहुत महंगे हैं। ऐसे में यहां शेयरों में एकाएक गिरावट के आसार बने रहते हैं। इसका असर स्मॉल और मिडकैप स्पेस में अधिक स्पष्ट रूप से दिख रहा है। विजयकुमार के मुताबिक मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में वैल्यूएशन लॉर्जकैप की तुलना में अधिक हो गया है तो ऐसी गिरावट की आशंका पहले से ही थी। इस समय लॉर्जकैप के उन शेयरों, खासतौर से बैकिंग में निवेश करना सही रहेगा, जिनकी वैल्यू सही है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।