Laurus Labs Share Price: लॉरेस लैब्स लिमिटेड के शेयरों में आज 27 जनवरी को भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 15% तक लुढ़ककर 501.15 रुपये पर आ गए। इसके साथ ही शेयर में पिछले 2 दिनों से जारी तेजी थम गई। लॉरेस लैब्स ने पिछले हफ्ते अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था, जिसके बाद पिछले 2 दिनों में इसके शेयरों में करीब 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। हालांकि, सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।
यह गिरावट उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आई, जिसमें बताया गया है कि अमेरिका ने विदेशी सहायता पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके चलते वहां के 'प्रेसिडेंड इमरजेंसी प्लान फॉर AIDS रिलीफ (PEPFAR)' के लिए सोमवार से ही पैसों की सप्लाई बंद हो जाएगी। इस कदम से दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए एंटी-वायरल दवाओं (ARV) की सप्लाई भी बाधित हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, PEPFAR कार्यक्रम को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था और इसे HIV से लड़ने वाले संगठनों को अरबों डॉलर की फडिंग मुहैया कराकर दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को बचाने का श्रेय दिया जाता है। साथ ही यह 55 देशों में 2 करोड़ से अधिक लोगों को एंटी-वायरल दवाओं (ARV) भी मुहैया कराता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति पद की गद्दी पर बैठने के बाद एक एग्जिक्यूटिव आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अमेरिका के विदेशी सहायता कार्यक्रमों की 90-दिनों की अंदर समीक्षा करने के आदेश जारी किए गए थे। CBS न्यूज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शनिवार को अमेरिकी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवेलपमेंट (USAID) की ओर से जारी किए गए एक बयान में साफ किया गया है कि यह "विदेशी सहायता रोक" सीमित अपवादों के साथ एक "पूर्ण विराम" का संकेत है।
दोपहर 1.45 बजे के करीब, लॉरेस लैब्स के शेयर एनएसई पर 12.56 फीसदी की गिरावट के साथ 526.95 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा, कई गुना बढ़कर 92 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23 करोड़ रुपये रहा था। इस इजाफे में दूसरे स्रोतों से हुई कमाई का भी योगदान रहा, जो दिसंबर तिमाही में बढ़कर 9.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी की दूसरे स्रोतों से कमाई 2.4 करोड़ रुपये रही थी।
लॉरेस लैब्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.5 फीसदी बढ़कर 1,415 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1,194 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही आधार पर भी कंपनी के रेवेन्यू में 16 फीसदी की ग्रोथ दर्ज गई। इसके साथ ही लॉरेस लैब्स का EBITDA मार्जिन भी करीब सात तिमाहियों के बाद वापस 20 फीसदी के ऊपर पहुंच गया।
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