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LIC को आयकर विभाग का नोटिस, टैक्स और ब्याज मिलाकर मांगे ₹7100 करोड़

LIC ने कहा कि इस ऑर्डर का वित्तीय प्रभाव केवल उस आयकर और ब्याज की राशि तक ही सीमित है, जिसका जिक्र डिमांड ऑर्डर में किया गया है। इस ऑर्डर के खिलाफ आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील की जा सकती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 26, 2026 पर 4:01 PM
LIC को आयकर विभाग का नोटिस, टैक्स और ब्याज मिलाकर मांगे ₹7100 करोड़
LIC के मुताबिक, आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट ने कुछ दावों को अस्वीकार किया है।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को आयकर विभाग से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एक डिमांड ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और ब्याज शामिल है। बीमा कंपनी से 6146.71 करोड़ रुपये या 61,46,71,18,015 रुपये के आयकर और 953.25 करोड़ रुपये या 9,53,25,87,935 रुपये के ब्याज की मांग की गई है। LIC का कहना है कि आयकर विभाग की असेसमेंट यूनिट (जांच इकाई) ने आकलन के दौरान कुछ मदों को आय में जोड़ दिया, जबकि कुछ कटौतियों को मान्यता नहीं दी।

जैसे कि अंतरिम बोनस को आय में जोड़ा जाना, 'जीवन सुरक्षा फंड' से हुए नुकसान को आय में जोड़ा जाना, निगेटिव रिजर्व को आय में जोड़ा जाना, धारा 80M के तहत क्लेम किए गए डिडक्शन को अस्वीकार करना, 'स्रोत पर काटे गए टैक्स' (TDS) को देर से जमा करने से संबंधित ब्याज को नामंजूर करना।

आदेश को चुनौती दे सकती है LIC

कंपनी ने कहा है कि इस ऑर्डर के खिलाफ आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील की जा सकती है। इससे संकेत मिलता है कि LIC इस डिमांड ऑर्डर को चुनौती देने की सोच रही है। बीमा कंपनी ने कहा कि इस ऑर्डर का वित्तीय प्रभाव केवल उस आयकर और ब्याज की राशि तक ही सीमित है, जिसका जिक्र डिमांड ऑर्डर में किया गया है। LIC के कामकाज या अन्य गतिविधियों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। अब देखना यह है कि 27 मार्च को कंपनी के शेयर की चाल पर क्या असर दिखता है। 25 मार्च को शेयर BSE पर 780.60 रुपये पर बंद हुआ। 26 मार्च को रामनवमी के अवसर पर शेयर मार्केट बंद है।

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