LIC OFS: रिटेल इनवेस्टर्स के लिए खुला एलआईसी का ओएफएस, जानिए कैसे करना है अप्लाई

LIC OFS: सरकार एलआईसी के ओएफएस के जरिए कंपनी में अपनी 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच रही है। इस इश्यू का बेस साइज कुल इक्विटी का 2.5 फीसदी था। ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए सरकार अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 3:44 PM
LIC का ओएफएस नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 4 अगस्त को खुला था।

LIC OFS: एलआईसी का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आज यानी 5 अगस्त को रिटेल इनवेस्टर्स के लिए खुल गया। यह नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 4 अगस्त को खुला था। इसे इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। यह 3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ। एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है।

OFS को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स

Offer for Sale (OFS) को मिले अच्छे रिस्पॉन्स से सरकार ने पूरे ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। डिपार्टमेंट ऑफ डिसइनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी ने इस बारे में बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बारे में बताया।


सरकार कुल 6.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही

सरकार एलआईसी के ओएफएस के जरिए कंपनी में अपनी 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच रही है। इस इश्यू का बेस साइज कुल इक्विटी का 2.5 फीसदी था। ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए सरकार अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। कुल 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने से सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस 

एलआईसी के इस ओएफएस के साथ इस वित्त वर्ष में ऑफर फॉर सेल से सरकार के पास आया कुल पैसा बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के पार हो जाएगा। सरकार ने एलआईसी के ओएफएस के लिए प्रति शेयर 382 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है। सरकार ने पिछले कुछ महीनों में ओएफएस के जरिए सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिशें तेज की हैं।

ऐसे कर सकते हैं शेयरों के लिए अप्लाई

आप एलआईसी के ओएफएस में अपने मोबाइल ट्रेडिंग ऐप या ब्रोकर के पोर्टल के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। आपको लॉग-इन करने के बाद IPO/OFS या कॉर्पोरेट एक्शन सेक्शन में जाना होगा। फिर एक्टिव ओफएस में एलआईसी को सेलेक्ट करना होगा। शेयर की संख्या बतानी होगी। फिर प्राइस बताना होगा या कट-ऑफ ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा। फिर ऑर्डर सब्मिट करना होगा।

अगले 2-3 साल में और हिस्सा नहीं बेचेगी सरकार

अगर डाला गया प्राइस कट-ऑफ प्राइस से कम होगा तो बिड रिजेक्ट हो जाएगा। एलआईसी ने नॉन-रिटेल बिडर्स के लिए 383.1 रुपये का कट-ऑफ प्राइस तय है। सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक,  सरकार ने बताया है कि इसके बाद अगले दो-तीन सालों में सरकार एलआईसी में और हिस्सेदारी नहीं बेचेगी।

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बीते एक साल में शेयर करीब 12 फीसदी गिरा है

ओएफएस प्रोसेस पूरा होने के बाद एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 90 फीसदी रह जाएगी। LIC का शेयर 5 अगस्त को 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। बीते एक साल में एलआईसी का शेयर करीब 12 फीसदी गिरा है।

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