बाजार के जानकारों के मुताबिक देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) के शेयरों में निवेश कर एफडी से भी ज्यादा रिटर्न हासिल कर सकते हैं। एलआईसी के लिए जून तिमाही बहुत शानदार रही और इसने 10 अगस्त को रिजल्ट का ऐलान किया था और उसके बाद से यह दो कारोबारी दिनों में दो फीसदी से अधिक ऊपर चढ़ चुका है। 11 अगस्त को यह बीएसई पर 2.78 फीसदी चढ़ा था और फिर अगले कारोबारी दिन 14 अगस्त को मुनाफावसूली और कमजोर मार्केट सेंटिमेंट के चलते 0.67 फीसदी टूटकर 655.50 रुपये (LIC Share Price) पर बंद हुआ। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस प्रकार की गिरावट को निवेश के सुनहरे मौके के तौर पर लेना चाहिए। मौजूदा लेवल से यह 43 फीसदी से ज्यादा ऊपर चढ़ सकता है।
ब्रोकरेज क्यों लगा रहे LIC पर दांव
ब्रोकरेज फर्म एलकेपी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2023-24 में एलआईसी का नेट प्रीमियम करीब 5 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है और यह इंडस्ट्री में टॉप पोजिशन को बनाए रखने में कामयाब रहेगी। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक जून तिमाही में इसके पार्टिसिपेटिंग प्रोक्ट्स की इंडिविजुअल बिजनेस में हिस्सेदारी 90 फीसदी बनी रही तो दूसरी तरफ यूलिप प्रोडक्ट्स ने इसके नॉन-पार्टिसिपेटिंग मार्जिन को कम किया। हालांकि ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अगस्त और सितंबर में इसका कारोबार बेहतर होगा और मार्जिन भी सुधरेगा। ब्रोकरेज के मुताबिक चार्ट पर भी इसने कंसालिडेटेशन ब्रेकआउट किया है और यह 50 EMA (एक्सपोनेंशिल मूविंग एवरेज) से ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा यह वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) बुलिश क्रॉसओवर है। ऐसे में ब्रोकरेज इसमें तेजी के रुझान के कायम रहने का संकेत देख रहा है। एलकेपी ने अगले 3-6 महीने के लिए इसे 655-670 रुपये की प्राइस रेंज में 770/840 रुपये के टारगेट प्राइस पर खरीदने की सलाह दी है।
वहीं एक और ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने जून तिमाही के नतीजे आने के बाद 940 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है। ब्रोकरेज के मुताबिक एलआईसी के मैनेजमेंट को भरोसा है कि यह मार्केट में अपने दबदबे को दोबारा हासिल कर लेगी और आने वाली तिमाहियों में इसमें अच्छी ग्रोथ दिखेगी। जून तिमाही में इसके 13.4 लाख एजेंट्स की एलआईसी के न्यू बिजनेस प्रॉफिट (NBP) में 96.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। एलआईसी के एजेंट्स की इंडिविजुअल्स एजेंट्स में 50.9 फीसदी हिस्सेदारी है।
अब तक कैसा मिला है रिटर्न
एलआईसी के रिकॉर्ड 21 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 949 रुपये पर आईपीओ निवेशकों को शेयर जारी हुए थे। हालांकि खुदरा निवेशकों और एंप्लॉयीज को हर शेयर पर 45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। पिछले साल 17 मई 2022 को इसके शेयरों की घरेलू मार्केट में एंट्री हुई। हालांकि यह कभी भी इश्यू प्राइस का लेवल छू भी नहीं सका है। लिस्टिंग के दिन यह इंट्रा-डे में 920 रुपये के हाई तक पहुंचा था और यही इसका रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से फिलहाल यह 29 फीसदी डाउनसाइड है तो इश्यू प्राइस से 31 फीसदी नीचे। इस साल 29 मार्च को यह एक साल के निचले स्तर 530.20 रुपये पर था और इसे लेवल से 24 फीसदी रिकवर हो चुका है।
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