LIC की तरफ से अप्रैल से जून के दौरान किए गए निवेश ने एनालिस्ट्स को चौंकाया है। दरअसल, देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी ने इस दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों में जमकर निवेश किया है। उसने यह निवेश ऐसे वक्त किया है, जब आईटी कंपनियों के शेयरों को लेकर मार्केट सेंटिमेंट बहुत कमजोर था। एनालिस्ट्स आईटी कंपनियों के स्टॉक्स से इनवेस्टर्स को दूर रहने की सलाह दे रहे थे। लेकिन, Life Insurance Corporation ने इस दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। LIC इंडिया की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक भी है।
आईटी स्टॉक्स में 8.000 करोड़ रुपये का निवेश
जून तिमाही में एलआईसी ने दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में 8,000 करोड़ रुपये निवेश किया। उसने Infosys के 3,636 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। TCS के 1,973 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। Tech Mahindra के शेयरों में 1,468 करोड़ रुपये निवेश किया और HCL Tech के स्टॉक में 979 करोड़ रुपये लगाए। ये आंकड़ें प्राइस डेटाबेस की रिपोर्ट पर आधारित हैं।
आईटी कंपनियां कर रही मुश्किल वक्त का सामना
पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियां मुश्किल वक्त का सामना कर रही हैं। उनके रेवेन्यू और प्रॉफिट में कमजोरी देखने को मिली है। इसकी वजह अमेरिका और यूरोप के देशों में स्लोडाउन की स्थिति है। इसकी वजह पिछले साल से लगातार बढ़ता इंटरेस्ट है। अमेरिका सहित दुनिया के कई बड़े देशों के केंद्रीय बैंकों ने तेजी से बढ़ते इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट्स लगातार बढ़ाए हैं।
जून तिमाही में बेचे बजाज ऑटो के शेयर
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बाथिनी ने कहा, "ग्लोबल मैक्रो चैलेंजेज के बीच कंपनियों की वैल्यूएशन काफी अट्रैक्टिव हो गई हैं।" दरअसल, लंबी अवधि के लिए शेयरों में निवेश करती है। जून तिमाही में LIC का प्रॉफिट 14 गुना बढ़कर 9,543 करोड़ रुपये पहुंच गया। उसने जून तिमाही में Bajaj Auto के 1,932 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। जून तिमाही में एलआईसी के इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। दूसरे नंबर पर एफएमसीजी कंपनियां रहीं। इस सेक्टर की एलआईसी के पोर्टफोलियो में हिस्सेदारी 1.29 लाख करोड़ रुपये रही। IT कंपनियों में LIC का निवेश 14,671 करोड़ रुपये था।
स्टॉक मार्केट में 30 फीसदी निवेश की इजाजत
LIC अपने कुल निवेश योग्य फंड का 30 फीसदी स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट कर सकती है। पहले यह लिमिट 10 फीसदी थी। 2021 में इसे बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया गया। सरकार के डिसइनवेस्टमेंट टारगेट को देखते हुए LIC के स्टॉक मार्केट में निवेश की लिमिट बढ़ाई गई। इस 30 फीसदी की लिमिट के साथ एलआईसी को स्टॉक मार्केट में निवेश करने में कुछ दूसरी शर्तों का भी ध्यान रखना पड़ता है। जैसे वह किसी एक कंपनी के शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा निवेश नहीं कर सकती है।