लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) अपने प्लॉट्स और कमर्शियल बिल्डिंग बेचकर 6-7 अरब डॉलर जुटाने का प्लान बना रही है। लाइवमिंट ने इस बारे में बताया है। देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी ने इसके लिए एक आंतरिक टीम बनाई है। यह टीम पूरे देश में एलआईसी के रियल एस्टेट एसेट्स को बेचने के लिए एक प्लान बनाएगी। इसकी शुरुआत मुंबई से हो सकती है।
मुंबई और दिल्ली के महंगे इलाकों में कई बिल्डिंग्स
एलआईसी (LIC) का एसेट मॉनेटाइजेशन प्लान तब आया है जब वह लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में बढ़ती प्रतियोगिता के बीच अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने की कोशिश कर रही है। एलआईसी के पास कई प्रीमियम एसेट्स हैं, जिनमें दिल्ली के कनाट प्लेस में जीवन भारती बिल्डिंग, कोलकाता के चितरंजन एवेन्यू में एलआईसी बिल्डिंग और मुंबई में एशियाटिक सोसायटी और अकबरअली बिल्डिंग शामिल हैं। एलआईसी के एक एग्जिक्यूटिव ने बताया कि एक्चुअल वैल्यू करेंट वैल्यूएशन की पांच गुनी हो सकती है।
प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
मनीकंट्रोल इस खबर को स्वतंत्र रूप से वेरिफाय नहीं कर पाया है। इंडिया के लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में एलआईसी सबसे बड़ी प्लेयर है। FY24 में फर्स्ट प्रीमियम इनकम में इसकी बाजार हिस्सेदारी 58.8 फीसदी थी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बिजनेस के एक्सपैंसन के लिए टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों पर फोकस बढ़ाने का प्लान बनाया है। एलआईसी प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने पर जोर दे रही है।
एसेट अंडर मैनेजमेंट 51.12 लाख करोड़ रुपये
एलआईसी का नेट प्रॉफिट मार्च तिमाही में साल दर साल आधार पर 2.5 फीसदी बढ़कर 13,762 करोड़ रुपये हो गया। यह एक साल पहले की समान अवधि में 13,421 करोड़ रुपये था। FY24 में कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। कंपनी ने प्रति शेयर 6 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च 2024 में बढ़कर 51.21 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 43.97 लाख करोड़ रुपये था। यह साल दर साल आधार पर 16.48 फीसदी ग्रोथ है।
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LIC के शेयरों पर 18 जून को दबाव देखने को मिला। 11:24 बजे कंपनी के शेयर का प्राइस 0.64 फीसदी गिरकर 1059 रुपये चल रहा था। एक साल में यह स्टॉक 23 फीसदी चढ़ा है, जबकि बीते छह महीनों में इसमें 32 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। कंपनी ने 2022 में अपना आईपीओ पेश किया था।