इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने पावर सेक्टर की कई कंपनियों पर कवरेज शुरू किया है। यह भारत की मजबूत होती पावर थीम पर बुलिशनेस का संकेत है। पावर ग्रिड, REC, PFC और NTPC सभी को ब्रोकरेज से बुलिश रेटिंग मिली है क्योंकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि डॉमेस्टिक पावर सेक्टर कई दशकों तक विकास की कहानी कहने के लिए तैयार है। इसमें मजबूत आय की संभावनाएं हैं।
मैक्वेरी ने पावर ग्रिड पर कवरेज की शुरुआत 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग के साथ की है। टारगेट प्राइस 380 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 19 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज ने कहा कि पावर ग्रिड पर दांव लगाने से निवेशकों को कैपेक्स साइकिल का फायदा उठाने में मदद मिलेगी और यह रिन्यूएबल एनर्जी ग्रोथ पर एक प्रॉक्सी दांव है। स्लोडाउन के बाद पावर ग्रिड को ट्रांसमिशन कैपेक्स में तेज उछाल से फायदा मिलने वाला है। 13 नवंबर को पावर ग्रिड का शेयर बीएसई पर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 318.70 रुपये पर बंद हुआ है।
मैक्वेरी ने NTPC पर भी 'आउटपरफॉर्म' कॉल के साथ कवरेज शुरू किया है और टारगेट प्राइस 475 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर के मौजूदा भाव से लगभग 25 प्रतिशत ज्यादा है। फर्म को एनर्जी सिक्योरिटी और ट्रांजिशन, इन दोनों थीम से फायदा मिलता है। ब्रोकरेज ने कहा कि यह रेगुलेटेड कैपेक्स और रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपोजर के एक आकर्षक मिक्स की पेशकश करती है। इसके आगामी थर्मल कैपेसिटी एडिशन का ब्राउनफील्ड नेचर, एग्जीक्यूशन में कमी के जोखिम को कम करता है। परमाणु ऊर्जा भी एक लॉन्ग टर्म ड्राइवर हो सकती है। पिछले तीन वर्षों में शेयर ने शानदार प्रदर्शन किया है। 13 नवंबर को बीएसई पर शेयर लगभग फ्लैट लेवल पर 380.85 रुपये पर बंद हुआ है।
मैक्वेरी ने REC पर 'आउटपरफॉर्म' कॉल के साथ कवरेज शुरू किया है और टारगेट प्राइस 660 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर के मौजूदा भाव से लगभग 30 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज इस शेयर पर बुलिश रहा है, खासकर तब जब साइक्लीकल पावर शॉर्टेज के कारण रेगुलेटरी ओवरहाल ने क्रेडिट जोखिम को कम किया है और पावर फाइनेंसर्स के लिए ग्रोथ को बढ़ावा दिया है।
REC के शेयर प्राइस में हाल ही में आई तेजी के बावजूद, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि एसेट रिजॉल्यूशन, कम स्लिपेज और बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स से स्टॉक की रीरेटिंग होगी। मैक्वेरी के अनुसार, मौजूदा वैल्यूएशन में पिछले चक्र की तुलना में लोअर क्रेडिट रिस्क को शामिल नहीं किया गया है। 13 नवंबर को शेयर बीएसई पर 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 508.20 रुपये पर बंद हुआ है।
इस पावर फाइनेंसर को ब्रोकरेज से 'आउटपरफॉर्म' टैग मिला है और टारगेट प्राइस 630 रुपये प्रति शेयर है। यह शेयर के मौजूदा भाव से लगभग 36 प्रतिशत ज्यादा है। मैक्वेरी ने कहा कि PFC सस्ती वैल्यूएशन के साथ एक साइक्लीकल दांव है। REC की तरह, इस शेयर के मामले में भी साइक्लीकल पावर शॉर्टेज के कारण रेगुलेटरी ओवरहाल ने क्रेडिट जोखिम को कम किया है और पावर फाइनेंसर्स के लिए ग्रोथ को बढ़ावा दिया है। PFC शेयर प्राइस में हाल ही में आई तेजी के बावजूद, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि एसेट रिजॉल्यूशन, कम स्लिपेज और बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मिक्स से स्टॉक की रीरेटिंग होगी। हालांकि मैक्वेरी ने कहा कि PFC के लिए रिस्क-रिवॉर्ड REC की तुलना में अधिक अनुकूल है। 13 नवंबर को शेयर बीएसई पर 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 461.45 रुपये पर बंद हुआ है।
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