Delhivery Share Price: विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वेयरी (Macquarie) ने लॉजिस्टिक सेक्टर की कंपनी डेल्हीवेरी (Delhivery) को आउटपरफॉर्म रेटिंग देते हुए कवर करना शुरू किया है और इसके लिए 440 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह शुक्रवार के इसके बंद भाव से करीब 42 फीसदी अधिक है। लेकिन अभी भी यह डेल्हीवेरी के 487 रुपये के IPO प्राइस से कम है। Delhivery का आईपीओ मई 2022 में आया था। हालांकि ब्रोकरेज ने साथ में यह भी कहा है कि कंपनी का स्टॉक सही राह पर है और अगले 3 साल में इसका भाव दोगुना हो सकता है।
मैक्वेयरी ने कहा कि डेल्हीवरी को मुख्य रूप से 5 बड़े ट्रेंड्स का लाभ मिलने वाला है। इसमें ई-कॉमर्स का तेजी से बढ़ता चलन, लोगों की खर्च क्षमता में बढ़ोतरी, सेक्टर का औपचारिकीकरण, डिजिटलीकरण और लॉजिस्टिक सेक्टर की बढ़ती दक्षता शामिल है। बिजनेस-टू-बिजनेस एक्सप्रेस, पार्ट-ट्रक लोड का मार्केट 3 अरब डॉलर का है और डेल्हीवरी इस सेक्टर की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।
इसके अलावा कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक स्थायी लीडरशिप, पॉजिटिव यूनिट इकोनॉमिक्स और बाहरी फंडिंग की जरूरत के बिना अपने वॉल्यूम में करीब 4 गुना की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। Macquarie का अनुमान है कि डेल्हीवेरी वित्त वर्ष 2026 तक EBITDA के स्तर पर घाटे से बाहर आ जाएगी।
बेयर केस में 30% गिर सकता है शेयर
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के लिए फंडिंग की किल्लत के चलते मैक्वेयरी को कम ग्रोथ वाले कारोबारी माहौल का अनुमान है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है, तो यह बेयर केस बन सकता है और ऐसी स्थिति में ब्रोकरेज को डेल्हीवेरी के शेयरों में मौजूदा स्तर से 30 फीसदी की गिरावट का अनुमान है।
Delhivery ने बीते 9 जनवरी को बताया था कि उसने कंटेंट से लेकर कॉमर्स तक के सेक्टर में मौजूद कंपनी 'द गुड ग्लैम ग्रुप' के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाई है। उनके लंबे अवधि के सप्लाई चेन पार्टनर के तौर पर, डेल्हीवरी ने गुड ग्लैम ग्रुप के विकास और उभरती लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सेवाओं को अनुकूलित किया है।
डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह, निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और रॉय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।