Mahindra Group कई कंपनियों की लिस्टिंग कराएगा, अनीश शाह ने बताया समूह का फ्यूचर प्लान

महिंद्रा ग्रुप के एमडी अनीश शाह ने कहा कि समूह के सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन अच्छा है। समूह ने पूंजीगत खर्च काफी बढ़ाया है। जो कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, उनें पूंजी की जरूरत है। महिंद्रा समूह ने एक्सटर्नल कैपिटल को लेकर विकल्प खुला रखा है

अपडेटेड Mar 11, 2024 पर 10:04 AM
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अनीश शाह ने कहा कि आरबीआई के हालिया कदमों का एनबीएफसी सेक्टर पर अच्छा असर पड़ेगा।
     
     
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    ऑटो सेक्टर की रौनक लौट आई है। Mahindra Group के ऑटो बिजनेस की भी चमक बढ़ी है। मनीकंट्रोल ने महिंद्रा ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह (Anish Shah) से बातचीत में समूह के बिजनेस प्लान सहित कई मसलों पर चर्चा की। उनसे इकोनॉमी के बारे में भी सवाल पूछे। शाह ने बताया कि ग्रुप ग्रोथ के नए मौकों पर फोकस कर रहा है। महिंद्रा ग्रुप क्षमता विस्तार पर ध्यान दे रहा है। उसका कैपिटल यूटिलाइजेश 100 फीसदी के करीब पहुंच गया है। इस तरह महिंद्रा ग्रुप पूंजीगत खर्च के मामले में दूसरी कंपनियों से आगे है। जो कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, उन्हें पूंजी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमने एक्सटर्नल कैपिटल को लेकर अपना विकल्प खुला रखा है।

    महिंद्रा ग्रुप कंपनियों की लिस्टिंग कराएगा

    M&M ग्रुप में निवेश करने वालों के लिए एग्जिट प्लान क्या है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ज्यादातर निवेशकों को पब्लिक लिस्टिंग के जरिए एग्जिट का मौका मिलेगा। हम अपने कुछ बिजनेस को लिस्ट कराएंगे। लेकिन, यह तभी होगा जब बिजनेस एक खास लेवल तक पहुंच जाएगा। इनमें MEAL और Last Mile Mobility शामिल हैं। MEAL ग्रुप का इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस है, जबकि लास्ट माइल मोबिलिटी थ्री-व्हीलर बिजनेस है। उन्होंने कहा कि इन दोनों के अलावा हम अपनी कुछ दूसरी कंपनियों को भी लिस्ट कराएंगे। इसलिए निवेशकों को हमारी कंपनियों की लिस्टिंग से अपने पैसे निकालने का मौका मिलेगा।


    अभी बिजनेस के डीमर्जर का प्लान नहीं

    क्या महिंद्रा भी टाटा मोटर्स की तरह अपने बिजनेस के डीमर्जर के बारे में सोच सकता है? इस सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि फिलहाल हम इस बारे में नहीं सोच रहे हैं। हमारे बिजनेसेज में वैल्यू क्रिएट करना हमारे लिए ज्यादा जरूरी है। हमें सिनर्जी करने जरिए अपने बिजनेस की वैल्यू बढ़ाने की काफी संभावना दिखती है। अगर फार्म बिजनेस को देखा जाए तो इसका मार्जिन इंडस्ट्री के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस बार में कोई यह कह सकता है कि इसकी वजह यह है कि हमारा मार्केट शेयर दूसरों के मुकाबले ज्यादा है। लेकिन, अगर आप ऑटो बिजनेस को देखें जिसमें तो हम SUV सेगमेंट में दूसरे नंबर पर है, लेकिन पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री में हन नंबर वन नहीं हैं। इसके बावजूद हमारा मार्जिन सबसे ज्यादा है। इसकी वजह वह सिनर्जी है जो हमारे बिजनेसेज के बीच है।

    आरबीआई के कदमों का एनबीएफसी सेक्टर पर अच्छा असर

    एनबीएफसी के खिलाफ RBI की सख्ती के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? इसके जवाब में शाह ने कहा कि एनबीएफसी के लिए कामकाज का ठोस तरीका, मजबूत कंट्रोल और अच्छा रिस्क फ्रेमवर्क जरूरी है। RBI हमेशा इस पर जोर देता रहा है। आरबीआई के हालिया कदमों का एनबीएफसी सेक्टर पर अच्छा असर पड़ेगा। जहां तक महिंद्रा फाइनेंस की बात है तो यह बड़े बदलाव से गुजरा है। इसमें टेक्नोलॉजी का बड़ा हाथ रहा है। हमें उम्मीद है कि अगले डेढ़ साल में हम और मजबूत कंपनी के रूप में सामने आएंगे।

    चाइना-प्लस-वन स्ट्रेटेजी की दलील ठीक नहीं

    क्या आप चाइना-प्लस-वन स्ट्रेटेजी का फायदा उठाने जा रहे हैं? शाह ने इस सवाल के जवाब में कहा कि इंडिया अपनी पॉलिसी खुद के लिए बना रहा है। मुझे नहीं लगता कि इंडिया को दूसरों की नकल करने की जरूरत है। मेरा मानना है कि चाइना प्लस वन की दलील ठीक नहीं है, क्योंकि हम 'प्लस वन' नहीं हैं। क्या महिंद्रा ग्रुप नए बिजनेस में उतरने जा रहा है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हम आगे इस बारे में सोचेंगे। हमारा मानना है कि फिलहाल हमारे सभी मुख्य बिजनेसेज अच्छी ग्रोथ दिखा रहे हैं, जिससे अभी हम किसी नए बिजनेस के बारे में नहीं सोच रहे हैं।

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