Manglam Infra And Engineering IPO Listing: इंफ्रा कंपनी मंगलम इंफ्रा एंड इंजीनियरिंग (Manglam Infra And Engineering) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 394 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 56 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 106.40 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Manglam Infra And Engineering Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह 111.70 रुपये (Manglam Infra And Engineering Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.46 फीसदी मुनाफे में हैं।
Manglam Infra And Engineering IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
मंगलम इंफ्रा एंड इंजीनियरिंग का ₹27.62 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-26 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 394.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 163.04 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 756.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 371.72 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 49.32 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Manglam Infra And Engineering के बारे में
वर्ष 2010 में बनी मंगलम इंफ्रा एंड इंजीनियरिंग इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। यह हाईवेज, पुल, टनल और शहरों की बिल्डिंग्स से जुड़े प्रोजेक्ट से जुड़े डीपीआर, डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट, कंस्ट्रक्शन इत्यादि के साथ-साथ मेंटेनेंस का काम करती है। इसने एमपी, जम्मू-कश्मीर, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा में अपनी सर्विसेज दी हैं। कुल मिलाकर कंपनी ने 127 परियोजनाएं पूरी की हैं। इनमें से 116 परियोजनाएं तो इसने स्वतंत्र रूप से की हैं तो 11 परियोजनाएं केंद्र सरकार के साथ ज्वाइंट वेंचर्स और MoU के जरिए पूरी की गई हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 3.33 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 5.54 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 6.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना करीब 23 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 40.51 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।