Marinetrans India IPO के शेयरों की 8 दिसंबर को NSE SME पर 15 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ शुरुआत हुई। शेयर 30 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जो आईपीओ प्राइस बैंड से 15 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि शेयर के शुरुआत करते ही इसमें 5 प्रतिशत की गिरावट आई और 28.50 रुपये प्रति शेयर पर लोअर सर्किट लग गया। बाद में लोअर सर्किट हटने पर शेयर में फिर से कारोबार शुरू हुआ और यह 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपर प्राइस बैंड 31.50 रुपये पर पहुंच गया। Marinetrans India स्टॉक की लिस्टिंग उम्मीदों के अनुरूप ही बताई जा रही है। शेयर मार्केट में डेब्यू से पहले ग्रे मार्केट में स्टॉक 11.54% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था।
Marinetrans India का IPO 30 नवंबर को खुला था और 5 दिसंबर को बंद हुआ था। आईपीओ कुल 33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इश्यू के तहत रखे गए 3,984,000 शेयरों के बदले में 13,14,68,000 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 18 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। Marinetrans India के IPO के लिए फिक्स्ड प्राइस बैंड 26 रुपये प्रति शेयर था और इश्यू का साइज 10.92 करोड़ रुपये था। Marinetrans India IPO में 4,200,000 नए शेयर जारी हुए थे।
Marinetrans India को साल 2004 में शुरू किया गया था। कंपनी ने फ्रेट फॉरवर्डर के तौर पर शुरुआत की थी और बाद में इसने डोर टू डोर डिलीवरी सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री के लिए 3PL सर्विसेज भी शुरू कीं। Marinetrans India के फ्रेट फॉरवर्डिंग बिजनेस में समुद्री और हवाई दोनों तरह के फ्रेट कवर होते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Marinetrans India का वित्त वर्ष 2022-23 में रेवेन्यू 26 प्रतिशत और शुद्ध मुनाफा करीब 18 प्रतिशत गिरा था।