भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का सिलसिला तेज होने की वजह से देश का मार्केट कैपिटल 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सभी लिस्टेड फर्मों का कुल मार्केट वैल्यूएशन 398.65 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो जून 2024 के बाद का निचला स्तर है। पिछले साल सितंबर में देश का मार्केट कैपिटल 478 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है।
30 सितंबर 2024 के बाद से बेंचमार्क निफ्टी50 में 13 पर्सेंट की गिरावट रही है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों पर गिरावट की मार ज्यादा देखने को मिली है। सितंबर 2024 के बाद से अब तक मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमशः 18% और 20% की गिरावट रही है। हालांकि, रुपये में कमजोरी की वजह से डॉलर के लिहाज से रिटर्न पर असर थोड़ा कम रहा है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, देश का मार्केट कैपिटल फिलहाल 3.99 लाख करोड़ डॉलर है, जो दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम है। जुलाई के मध्य में यह मार्केट कैप 5.18 लाख करोड़ डॉलर के अपने पीक पर पहुंच गया था। जनवरी से अब तक निफ्टी50 में 5 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है, जबकि इस दौरान अमेरिकी सूचकांक डाओ जोन्स में 5 पर्सेंट की तेजी रही है।
फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPIs) पिछले साल अक्टूबर से भारतीय शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली कर रहे हैं। इसकी वजह हाई वैल्यूएशन और इकोनॉमिक ग्रोथ में सुस्ती मानी जा रही है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती की वजह से बिकवाली में और तेजी देखने को मिल रही है।