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Market Cap: तीन महीने बाद फिर $5 ट्रिलियन का हुआ मार्केट, लेकिन तेजी पर एक्सपर्ट ने किया सतर्क

BSE's Market Cap: घरेलू स्टॉक मार्केट में जोरदार तेजी के चलते एक बार फिर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर का हो गया। यह उपलब्धि चार और देशों के पास है। जानिए मार्केट में इस जोरदार तेजी की वजह क्या है और एक्सपर्ट्स सतर्क क्यों कर रहे हैं? इसके अलावा जानिए कि किन देशों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर का है?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 21, 2025 पर 3:12 PM
Market Cap: तीन महीने बाद फिर $5 ट्रिलियन का हुआ मार्केट, लेकिन तेजी पर एक्सपर्ट ने किया सतर्क
BSE's Market Cap: फिलहाल भारत के अलावा दुनिया भर में सिर्फ चार देशों- अमेरिका, चीन, जापान और हॉन्ग कॉन्ग का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।

BSE's Market Cap: मार्केट में चौतरफा हरियाली के चलते करीब तीन महीने बाद एक बार फिर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ डॉलर के पार चला गया। इससे पहले पिछली बार ऐसा 20 जनवरी को हुआ था। फिलहाल भारत के अलावा दुनिया भर में सिर्फ चार देशों- अमेरिका, चीन, जापान और हॉन्ग कॉन्ग का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। भारतीय इक्विटी मार्केट की टोटल पूंजी 7 अप्रैल को गिरकर 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक आ गई थी लेकिन तब से अब तक इसमें 500 बिलियन डॉलर यानी 50 हजार करोड़ डॉलर से अधिक की रिकवरी हुई है।

इस कारण मार्केट में बहार

घरेलू बाजारों में यह तेजी छोटे से लेकर बड़े और पीएसयू शेयरों में जोरदार खरीदारी के चलते आई। इन्हें 7 अप्रैल को अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ पर अस्थायी रोक लगाने और कारोबारी बातचीत से सपोर्ट मिला। उसके बाद से सेंसेक्स और निफ्टी 50 करीब 9 फीसदी उछल चुके हैं जबकि बीएसई मिडकैप भी 9 फीसदी से अधिक और बीएसई स्मॉलकैप 10 फीसदी से अधिक ऊपर चढ़ा था। 7 अप्रैल से निफ्टी बैंक करीब 11 फीसदी और बीएसई पीएसयू इंडेक्स करीब 10 फीसदी मजबूत हुआ।

इसके अलावा कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार के दबाव को कम करने और व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने में मदद की है। एनएसडीएल के मुताबिक जून तिमाही के लिए कंपनियों की आय में 2-3 फीसदी की बढ़ोतरी के शुरुआती अनुमान से पॉजिटिव सेंटिमेंट बढ़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों ने निवेश ने भी इसे सपोर्ट दिया है, जिन्होंने महज दो कारोबारी सत्रों में 1 बिलियन डॉलर और 100 करोड़ डॉलर से अधिक का शुद्ध निवेश किया है।

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