Stock market: दिवाली के मौके पर निवेश और समृद्धि का मंत्र बताने के लिए आज सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़े Aditya Birla Sun Life AMC के CIO महेश पाटिल। महेश जी हमारे देश के सबसे बड़े फंड मैनेजरों में से एक हैं। इनको इक्विटी और कैपिटल मार्केट का 25 सालों से ज्यादा का अनुभव है। बाजार पर राय देते हुए महेश पाटिल ने कहा की बाजार में काफी लंबे समय के बाद करेक्शन देखने को मिला है। इलेक्शन के बाद बाजार में जो पीक बना था वहां से मार्केट की ब्रेड्थ काफी कमजोर हो गई है। इसका मतलब ये है कि इंडेक्स में शामिल काफी कंपनियां इंडेक्स को अंडरपरफॉर्म कर रही हैं। इस बार का करेक्शन अर्निंग में कमजोरी के कारण आया है। पिछले 2-3 साल से निफ्टी की अर्निंग ग्रोथ सीएजीआर 20 फीसदी के आसपास चल रही थी। लेकिन अब ये ग्रोथ 8-9 फीसदी के आसपास ही रहने की उम्मीद है। इसके कारण भी बाजार में कमजोरी दिख रही है।
बाजार में कोई बड़ा खतरा नहीं
इसके अलावा पिछले कुछ महीनों से हो रही एफआईआई की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। महेश ने ये भी कहा कि बाजार में जिस तरह की एकतरफा तेजी आई थी उसके बाजार में एक हेल्दी करेक्शन की उम्मीद पहले से थी। इकोनॉमी और अर्निंग ग्रोथ का लॉन्ग टर्म आउटलुक अच्छा है। ऐसे में किसी भी सेक्टर में कोई बड़ा जोखिम नहीं दिख रहा है। हालांकि जो नतीजे आ रहे हैं वे उम्मीद से थोड़ा कम हैं इसलिए बाजार में हमें थोड़ा करेक्शन दिख रहा है।
बैंक स्टॉक वैल्यूएशन के हिसाब से काफी अच्छे
बैंक शेयरों पर बात करते हुए महेश ने कहा कि देश में दरों में कटौती की संभावना थोड़ा पीछे की ओर खिसक गई है। बैंकों के क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ पर दबाव के कारण चिंता है। इसके कारण इस साल बैंकों के अर्निंग ग्रोथ पर दबाव रह सकता है। बैंक के अनसिक्योर लोन बुक पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। उन्होने आगे कहा कि बैंक स्टॉक वैल्यूएशन के हिसाब से काफी अच्छे लग रहे हैं।
आईटी सेक्टर में अब दिखेगी ग्रोथ
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए महेश ने कहा कि ये एक ऐसा सेक्टर है जिसमें नतीजे कुछ ठीक-ठाक रहे हैं। ये सेक्टर अब बॉटम आउट हो गया है। अब इसमें ज्यादा गिरावट का डर नहीं है। यहां से आईटी शेयरों में धीरे-धीरे सुधार होगा। हालांकि ये सुधार काफी धीमा होगा। बीएफएसआई सेक्टर में थोड़े अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इस साल बड़ी आईटी कंपनियों में की ग्रोथ 5-7 फीसदी के आसपास रहने की संभावना है। वहीं, आगले साल ये ग्रोथ 8-9 फीसदी के आसपास पहुच जाने की संभावना है।
एफएमसीजी सेक्टर पर बात करते हुए महेश ने कहा कि अगर दूसरी छमाही में ग्रामीण डिमांड में तेजी आती है तो एफएमसीजी कंपनियों को कुछ फायदा हो सकता है। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो इस सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती रहने की संभावना है। इसके अलावा इस सेक्टर के वैल्यूएशन भी महंगे है। ऐसे में एफएमसीजी में अपसाइड की संभावना बहुत कम दिख रही है।
मिड और स्मॉल कैप में ज्यादा जोखिम
महेश का कहना है पिछले 2-3 साल में छोटे-मझोले शेयरों में काफी ज्यादा तेजी आई है। ये शेयर भारी लिक्विडिटी की वजह से अपने फंडामेंटल्स की तुलना में काफी महंगे हो गए हैं। ऐसे में अगर बाजार से लक्विडिटी निकलती है तो सबसे ज्यादा नुकसान छोटे-मझोले शेयरों को ही होगा। इस समय मिड और स्मॉल कैप में ज्यादा जोखिम दिख रहा है। मिड और स्मॉलकैप में अभी और करेक्शन की संभावना है। निवेशकों को यहां थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
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