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Market correction : 2026 के मार्केट करेक्शन के बाद NSE के एक तिहाई से ज़्यादा स्टॉक 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर

Market correction :अभी NSE पर 2,493 स्टॉक लिस्टेड हैं। इनमें से 881 स्टॉक या कुल का 35.3 प्रतिशत स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुच गए हैं। 2026 के मार्केट करेक्शन के बाद NSE के एक-तिहाई से ज़्यादा स्टॉक 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर दिख रहे हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 10:14 AM
Market correction : 2026 के मार्केट करेक्शन के बाद NSE के एक तिहाई से ज़्यादा स्टॉक 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर
Market trend : बाजार में कमजोरी के बावजूद, लगभग 1,612 स्टॉक अभी भी पॉजिटिव दायरे में ट्रेड कर रहे हैं। इनमें से, लगभग 398 स्टॉक अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर से 10-20 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहे हैं

Market correction : 2026 की शुरुआत में शुरू हुए तेज़ मार्केट करेक्शन के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड एक-तिहाई से ज़्यादा स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गए हैं। वर्तमान में NSE पर 2,493 स्टॉक लिस्टेड हैं। इनमें से 881 स्टॉक यानी कुल का लगभग 35.3 प्रतिशत अपने 52-हफ़्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। लगभग 204 स्टॉक अपने सालाना निचले स्तर से सिर्फ़ 1-5 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि लगभग 239 स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के निचले स्तर से 5-10 प्रतिशत ऊपर हैं।

मिड-कैप, स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप शेयरों में हुई प्रॉफिट बुकिंग

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी स्ट्रैटेजी की डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा कि हाल में आई गिरावट का मुख्य कारण मिड-कैप, स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग है। इसके चलते इनमें से कई शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि लार्ज-कैप शेयरों पर भी कुछ दबाव देखा गया है, लेकिन सालाना निचले स्तर पर पहुंचने वाले ज़्यादातर शेयर फ्रंटलाइन इंडेक्स के बजाय ब्रॉडर मार्केट सेगमेंट(छोटे-मझोले शेयर) के हैं।

बाजार में कमजोरी के बावजूद, लगभग 1,612 स्टॉक अभी भी पॉजिटिव दायरे में

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