Market cues : Nifty के 24600 के नीचे बने रहने तक एक सीमित दायरे में ही होता रहेगा उतार-चढ़ाव

Market cues : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक Nifty 24,600 के नीचे बना रहता है,तब तक इसमें एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (consolidation) जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट लेवल 24,000–23,900 पर है

अपडेटेड Apr 24, 2026 पर 7:39 AM
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Market cues : विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 23 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 3,254 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए

Market cues : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे गतिरोध और US-ईरान वार्ता के बीच Nifty ने 23 अप्रैल को लगातार दूसरे सत्र में अपनी गिरावट जारी रखी और 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। होर्मुज में तल रही नाकाबंदी कके चलते कच्चा तेल 100 डॉलर के ऊपर चला गया था। निफ्टी 50 में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और 23 अप्रैल को लगातार दूसरे सेशन में इसमें 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने सतर्क रुख का संकेत दिया,क्योंकि इंडेक्स 50-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से नीचे गिर गया जो एक अहम मध्यम अवधि का सपोर्ट लेवल है।

जब तक इंडेक्स 24,600 के नीचे बना रहता है, तब तक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (consolidation) जारी रह सकता है, इसका तत्काल और अहम सपोर्ट लेवल 24,000–23,900 पर है। हालांकि बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि 24,600 के स्तर से ऊपर की एक मज़बूत बढ़त 24,800 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती है। यह स्तर 200-दिनों के EMA के साथ मेल खाता है और एक अहम रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,139, 24,098 और 24,031

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,273, 24,314, and 24,381

स्पेशल फॉर्मेशन: Nifty 50 ने डेली चार्ट पर गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक लॉन्ग अपर शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई और यह बेयरिश गैप बाज़ार बंद होने तक भर नहीं पाय। यह ऊपरी स्तरों पर आने वाले दबाव का संकेत है और पिछले कुछ हफ़्तों में निचले स्तरों से हुई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद,एक संभावित शॉर्ट टर्म रिवर्सल पैटर्न की ओर इशारा कर रहा है। इंडेक्स 10 और 20 डे EMA से ऊपर रहते हुए भी 50 डे EMA से नीचे फिसल गया। RSI एक बेयरिश क्रॉसओवर के कगार पर है,जबकि MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइनों से ऊपर बना रहा। लेकिन हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार कमज़ोर पड़ती गईं। यह सब कमज़ोर पड़ते मोमेंटम और नियर टर्म के लिए सतर्क दृष्टिकोण का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,713, 56,866, और 57,115

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 56,215, 56,061, और 55,812

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,676, 54,576

स्पेशल फॉर्मेशन: गैप-डाउन ओपनिंग के बाद बैंक निफ्टी 1.4 प्रतिशत गिर गया और डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी ऊपरी शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई। साथ ही यह अपने 100 और 200 डे EMA लेवल से नीचे फिसल गया। यह मध्यम-अवधि के ढांचे के कमजोर होने और बाजार में भाग लेने वालों के बीच सतर्कता भरे माहौल का संकेत देता है। इंडेक्स 50 डे EMA से थोड़ा नीचे बंद हुआ,जबकि 10 और 20 डे के EMA के ऊपर बना रहा। RSI,जो 53.40 पर है,नीचे की ओर सिग्नल लाइन की तरफ झुक रहा है। वहीं MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइन के ऊपर बना रहा,लेकिन हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार छोटी होती गईं। यह सब मोमेंटम के कमजोर पड़ने और अगर यह कमजोरी बनी रहती है तो और नीचे जाने की संभावना की ओर इशारा कररहा है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 23 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 3,254 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाज़ार को कुछ सहारा दिया और 900 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX ने लगातार दूसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी। यह 1.58 प्रतिशत बढ़कर 18.59 पर बंद हुआ, जबकि इंट्राडे में इसकी रेंज 19.12–17.49 के बीच रही। यह बुल्स के लिए कुछ परेशानी का संकेत है। अगर यह 20 के लेवल से ऊपर और बढ़ता है तो बुल्स के लिए काफी परेशानी खड़ी हो सकती है। हालांकि,अगर यह 16 के लेवल से नीचे गिरता है तो बुल्स के सेंटीमेंट को कुछ सपोर्ट मिल सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 अप्रैल को घटकर 0.92 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.02 था।। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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