Market cues : पॉजिटिव रुझान के बावजूद ऊपरी स्तरों पर दबाव कायम, 24300 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी पकड़ेगा रफ्तार
Market cues : बाजार जानकारों के मुताबिक निफ्टी में 24,300 के ऊपर कोई भी मजबूत चाल नियर टर्म में 24,600-24,800 के स्तरों की ओर और तेजी का रास्ता खोल सकती है। अगर निफ्टी इन ऊंचे स्तरों पर टिकने में नाकाम रहता है,तो शॉर्ट टर्म में इसमें और कंसोलिडेशन या थोड़ी कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके लिए 23,800 का स्तर सपोर्ट का काम करेगा
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX हल्की बढ़त के बाद नीचे गिर गया और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है
Market cues : Nifty ने 4 मई को ऊपरी स्तरों पर दबाव का सामना करने के बावजूद,0.50 फीसदी की बढ़त के साथ वापसी की और पिछले दिन के हाई स्तर से ऊपर बंद हुआ। पश्चिम बंगाल में चुनावों के अनुकूल नतीजों और उम्मीद से बेहतर Q4 नतीजों ने बाजा के सेंटिमेंट को सहारा दिया। मोमेंटम इंडिकेटर्स मिले-जुले रहे और RSI में एक साइडवेज़ ट्रेंड देखने को मिला। बाजार जानकारों के मुताबिक निफ्टी में 24,300 के ऊपर कोई भी मजबूत चाल नियर टर्म में 24,600-24,800 के स्तरों की ओर और तेजी का रास्ता खोल सकती है। अगर निफ्टी इन ऊंचे स्तरों पर टिकने में नाकाम रहता है,तो शॉर्ट टर्म में इसमें और कंसोलिडेशन या थोड़ी कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके लिए 23,800 का स्तर सपोर्ट का काम करेगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,029, 23,962 और 23,853
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,247, 24,314 और 24,423
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की तरफ एक लंबी शैडो थी। यह इस बात का संकेत है कि पॉजिटिव रुझान के बावजूद,ऊंचे स्तरों पर लगातार दबाव बना हुआ है। इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,लेकिन प्रॉफिट बुकिंग के कारण यह 50-दिन के EMA और 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक की गिरावट का) से ऊपर टिक नहीं पाया। RSI बढ़कर 52.18 पर पहुंच गया। लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। वहीं, MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर लगातार 10वें सत्र में भी कम हुआ है,जो कि हरे हिस्टोग्राम बार के सिकुड़ने से साफ जाहिर होता है। यह सब इस बात का संकेत है कि बाज़ार में मज़बूत मोमेंटम की कमी है और जब तक कोई'ब्रेकआउट'नहीं होता,तब तक बाज़ार एक सीमित दायरे में ही घूमता रहेगा।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,404, 55,611 और 55,947
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 54,732, 54,525 और 54,189
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,576, 53,687
स्पेशल फॉर्मेशन: बैंक निफ्टी सपाट बंद हुआ और डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। यह ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत देता है। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को टेस्ट किया,लेकिन क्लोजिंग बेसिस पर उनके ऊपर टिकने में नाकाम रहा और 23.6 प्रतिशत और 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तरों (अप्रैल की रैली के) के दायरे में ही बना रहा। Bank Nifty सभी मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे रहा और शॉर्ट-टर्म एवरेज नीचे की ओर जा रहे थे। RSI 45.64 पर रहा और सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा,जबकि MACD ने 6 अप्रैल के बाद पहली बार एक बेयरिश क्रॉसओवर दिया और हिस्टोग्राम लाल हो गया। यह सब जब तक कि मुख्य रेजिस्टेंस लेवल फिर से हासिल न कर लिए जाएं तब तक एक कमजोर रुझान और आगे और कंसोलिडेशन या गिरावट की संभावना का संकेत है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
पिछले नौ सत्रों तक नेट सेलर बने रहने के बाद,4 मई को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बन गए और उन्होंने ₹2,835 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सत्र में अपनी खरीदारी जारी रखी और इक्विटी बाज़ार में ₹4,764 करोड़ का निवेश किया।
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX हल्की बढ़त के बाद नीचे गिर गया और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। 17 से नीचे की निर्णायक गिरावट तेजड़ियों को और अधिक राहत देगी।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 4 मई को गिरकर 0.80 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.98 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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