Market cues : 23800–23900 के जोन को पार करने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, तब तक छोटे दायरे में ही घूमता रहेगा इंडेक्स

Market cues : Nifty को ऊपर 24,000 के स्तर की ओर जाने के लिए,23,800–23,900 के जोन के पार एक मजबूत चाल की जरूरत है। तब तक एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग होती रह सकती है,जिसमें 23,400 पर सपोर्ट बना रहेगा। बाजार जानकारों का कहना है कि इस सपोर्ट को टूटने पर ही मंदड़िए सक्रिय हो सकते हैं

अपडेटेड May 22, 2026 पर 7:03 AM
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Market cues : बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो 21 मई को पिछले सत्र के 1.24 के मुकाबले गिरकर 1.00 पर आ गया

Market cues: Nifty के शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर वापस आने और टिके रहने की कोशिश प्रॉफ़िट बुकिंग की वजह से नाकाम रही। कल 21 मई को इंडेक्स ने अपनी सारी शुरुआती बढ़त गंवा दी और थोड़ा नीचे बंद हुआ। बुल्स क्लोजिंग बेसिस पर 23,800 के अहम रेजिस्टेंस लेवल को बनाए रखने में नाकाम रहे। नतीजतन,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे रहा और 23,300–23,800 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा,जबकि डेली चार्ट पर'हायर लो'का पैटर्न बरकरार रहा। Nifty को ऊपर 24,000 के स्तर की ओर जाने के लिए,23,800–23,900 के जोन के पार एक मजबूत चाल की जरूरत है। तब तक एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग होती रह सकती है,जिसमें 23,400 पर सपोर्ट बना रहेगा। बाजार जानकारों का कहना है कि इस सपोर्ट को टूटने पर ही मंदड़िए सक्रिय हो सकते हैं।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल


पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,804, 23,866 और 23,967

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,603, 23,541 और 23,440

स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 ने कल अपनी सारी शुरुआती बढ़त गंवा दी और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई,जो ऊंचे स्तरों पर दबाव का संकेत है। हालांकि,'हायर लो'बनने का सिलसिला जारी रहा। इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर टिक नहीं पाया और इसके चलते सभी प्रमुख अहम एवरेज (10, 20, 50, 100 और 200-डे EMA) से नीचे ही बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे रहा,साथ ही फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन से भी नीचे रहा। RSI,जो 45.55 पर था,साइडवेज़ बना रहा। जबकि MACD ज़ीरो और सिग्नल लाइनों से नीचे रहा। हालाँकि,लाल हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में भी सिकुड़ते रहे। यह सब लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करता है,हालांकि हिस्टोग्राम बार में आई कमी से यह संकेत मिलता है कि बेयरिश मोमेंटम धीरे-धीरे कम हो रहा है।

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बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 53,932, 54,157 और 54,521

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,204, 52,979 और 52,615

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,422, 55,809

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 52,798, 51,532

स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty Bank में भी प्राइस एक्शन Nifty 50 जैसा ही रहा,क्योंकि इसने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी-छोटी शैडो थीं। यह इस बात का संकेत है कि ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग हो रही है। यह इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर अप्रैल की रैली के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को पार नहीं कर पाया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही ट्रेड करता रहा। RSI,जो 40.53 पर है,स्थिर बना रहा,जबकि MACD ने'सेल क्रॉसओवर'बनाए रखा। हालांकि,लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सत्र से सिकुड़ रहे हैं। यह सब इस बात का संकेत है कि मंदी का माहौल अभी भी बना हुआ है,हालांकि बिकवाली का दबाव धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX कल लगातार तीसरे सेशन में भी नीचे गिरता रहा। यह 3.35 प्रतिशत गिरकर 17.82 पर आ गया और एक और सेशन के लिए शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। हालांकि,बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में आने के लिए यह जरूरी है कि VIX 17 के निशान से काफी नीचे गिर जाए।

पुट कॉल रेशियो

बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 21 मई को पिछले सत्र के 1.24 के मुकाबले गिरकर 1.00 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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