बाजार काफी मुश्किल दौर में, इस समय पूंजी बचाए रखने पर है ज्यादा फोकस:अश्विनी अग्रवाल

फाइनेंशियल सेक्टर पर अश्विनी अग्रवाल का कहना है कि हायर क्रेडिट कास्ट का इन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा.

अपडेटेड Mar 29, 2022 पर 2:42 PM
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अश्विनी अग्रवाल के मुताबिक, बाजार इस समय ऐसे लोगों के पक्ष में है, जो किसी गिरावट में बॉटम अप स्टॉक चुनने की रणनीति पर काम करते हैं। पिछले 4-5 महीने में बाजार में काफी करेक्शन आ चुका है.

Ashmore Investment के को-फाउंडर अश्विनी अग्रवाल ने बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी एक खास बातचीत में कहा कि वो इस समय पूंजी बचाए रखनें पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। वर्तमान में बाजार काफी मुश्किल दौर नजर आ रहा है। ऐसे में बाजार में बढ़त की उम्मीद में जोखिम लेना सही नहीं होगा। CNBC-TV18 के साथ हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि हम बाजार में छुपने की सुरक्षित जगह की तलाश में हैं। न कि इस समय खरीदारी का दांव लगाने पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय वो बाजार की तेजी को लेकर उतना नहीं सोच रहे हैं, जितना वर्तमान दौर में बाजार में किसी बड़ी गिरावट को लेकर चिंतित हैं।

इस बातचीत में उन्होंने कहा कि घरेलू निवेशकों के सामने तमाम मैक्रो इकोनॉमिक जोखिम हैं। इसमें पूर्वी यूरोप का जियो पॉलिटिकल तनाव, महंगाई में इजाफा, ग्लोबल सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और FIIs की लगातार बिकवाली कुछ ऐसे कारण हैं, जो चिंता पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स वर्तमान में अपने रिकॉर्ड हाई से सिर्फ 7 फीसदी नीचे हैं। लेकिन अक्टूबर 2021 के ऑल टाइम हाई से करीब 15 फीसदी टूट गए हैं। जिसकी वजह यूक्रेन पर रूस का आक्रमण रहा है।

अश्विनी अग्रवाल का कहना है कि आने वाले मार्च तिमाही के नतीजे उतने अच्छे नहीं रहेंगे, जितना इनके रहने का अनुमान किया गया था। पिछले एक महीने में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और दूसरी कमोडिटी की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई है उसके चलते ग्लोबल स्तर पर डिमांड घटने की उम्मीद है। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि हमें अभी भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि भारत और ग्लोबल बाजार में इस गिरावट का कितना गहरा असर होगा और महंगाई की ये चुनौती अभी और कितने दिन बनी रहेगी।


अश्विनी अग्रवाल के मुताबिक, बाजार इस समय ऐसे लोगों के पक्ष में है, जो किसी गिरावट में बॉटम अप स्टॉक चुनने की रणनीति पर काम करते हैं। पिछले 4-5 महीने में बाजार में काफी करेक्शन आ चुका है। ऐसे में आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और टेलीकॉम सेक्टर में तमाम अच्छे शेयर सस्ते में मिल रहे हैं। खास बात ये है कि इस समय बाजार में उपस्थित तमाम मैक्रो इकोनॉमिक जोखिमों का इनकी कमाई पर बहुत कम असर होगा।

US में महंगाई बढ़ने से वेतन बढ़ोतरी का दबाव लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का मिल रहा फायदा :Happiest Minds

उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रूपी में आई कमजोरी आईटी सेक्टर के लिए फायदेमंद रहेगी। इनके द्वारा वेतन में की जाने वाली बढ़ोतरी से मार्जिन से पड़ने वाले दबाव में डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी से कम होगा। फाइनेंशियल सेक्टर पर अश्विनी अग्रवाल का कहना है कि हायर क्रेडिट कास्ट का इन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। अगर रिजर्व बैंक अपनी दरों में बढ़ोतरी करता है तो बैंकों को शार्ट टर्म में ऊंची ब्याज दरों का फायदा मिलेगा।

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