Market insight : 24300 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बड़ी गिरावट मुमकिन, ओवरबॉट जोन में होने के बावजूद इन दो शेयरों में और तेजी की गुंजाइश बाकी
Stock Market trend : प्राइस एक्शन के नज़रिए से देखें तो बेंचमार्क इंडेक्स अपने हाल के रिकॉर्ड हाई से 7% से ज़्यादा गिर गया है। ये ग्लोबल अनिश्चितताओं की वजह से प्रॉफ़िट बुकिंग के दौर का संकेत है। इस गिरावट ने इंडेक्स को कई अहम शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे धकेल दिया है
Bank Nifty view : जब तक कि निचले लेवल पर मज़बूत खरीदारी नहीं आती, बैंकिंग इंडेक्स अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन में नीचे की ओर जा सकता है
Stock Market trend : स्थिति इतनी गंभीर है कि निफ्टी 50 अगले हफ़्ते 24,000 के अहम सपोर्ट को भी तोड़ सकता है। प्राइस एक्शन के नज़रिए से देखें तो बेंचमार्क इंडेक्स अपने हाल के रिकॉर्ड हाई से 7% से ज़्यादा गिर गया है। ये ग्लोबल अनिश्चितताओं की वजह से प्रॉफ़िट बुकिंग के दौर का संकेत है। ये बातें मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कही हैं। यहां हम आपके लिए इस बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में फैली घबराहट
घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए बीता हफ़्ता उतार-चढ़ाव वाला रहा । इसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों को परेशान कर रखा है,जिससे फ्रंटलाइन इंडेक्स पर दबाव बना है। नतीजतन,बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में पूरे हफ़्ते तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला और हर ट्रेडिंग सेशन या तो गैप-अप या गैप-डाउन के साथ शुरू हुआ। यह ग्लोबल मार्केट में फैली घबराहट को दिखाता है। इन तनावों का असर सिर्फ़ इक्विटी तक ही सीमित नहीं रहा। कई बड़े ग्लोबल मैक्रो इंडिकेटर भी बढ़े हुए रिस्क का संकेत देने लगे हैं।
बेंचमार्क इंडेक्स में टेक्निकल कमजोरी के साफ संकेत
वेस्ट एशिया से होने वाली सप्लाई में बाधा की चिंता के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 85 हफ़्तों के अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गईं। साथ ही,भारतीय रुपया भी काफी कमजोर हुआ। USD/INR की जोड़ी 92.30 के रिकॉर्ड निचले लेवल पर पहुंच गई। हालांकि, इसके बाद थोड़ी रिकवरी हुई। रिस्क से बचने वाले माहौल में,मार्केट का वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX हफ़्ते के दौरान लगभग 45% बढ़कर नौ महीने के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया,जिससे मार्केट में अनिश्चितता में तेज़ बढ़ोतरी का पता चलता है। ग्लोबल उथल-पुथल के इस बैकग्राउंड में,बेंचमार्क इंडेक्स में टेक्निकल कमजोरी के साफ संकेत दिखने लगे हैं।
नीचे की ओर दबाव रह सकता है कायम
प्राइस एक्शन के नज़रिए से देखें तो बेंचमार्क इंडेक्स अपने हाल के रिकॉर्ड हाई से 7% से ज़्यादा गिर गया है। ये ग्लोबल अनिश्चितताओं की वजह से प्रॉफ़िट बुकिंग के दौर का संकेत है। इस गिरावट ने इंडेक्स को कई अहम शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे धकेल दिया है। इंडेक्स खास तौर पर, 20 डे, 50 डे और 100 डे के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) नीचे की ओर रुख करने लगे हैं। ये टेक्निकली कमज़ोर होते शॉर्ट-टर्म मोमेंटम की ओर इशारा करते हैं। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर्स की करीब से जांच करने पर पता चलता है कि नीचे की ओर दबाव अभी भी बना रह सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे सावधानी बने रहने के संकेत
मोमेंटम इंडिकेटर लगातार सावधानी बने रहने के संकेत दे रहे हैं। डेली RSI 40 लेवल से नीचे आ गया है और गिरावट की राह पर बना हुआ है। वहीं, डेली MACD मंदी के दौर में है,जो ज़ीरो लाइन और अपनी सिग्नल लाइन दोनों से नीचे ट्रेड कर रहा है। बढ़ता हुआ MACD हिस्टोग्राम और भी मज़बूत डाउनसाइड मोमेंटम का संकेत देता है। इससे ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए यह ज़रूरी सवाल उठता है कि आने वाले सेशन में किन लेवल पर करीब से नज़र रखनी चाहिए?
जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट और ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में बदलाव पर निर्भर करेगी बाजार की चाल
आगे मार्केट की चाल जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट और ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में बदलाव पर निर्भर रहने की संभावना है। अभी जो अनिश्चितता है,उसे देखते हुए कह सकते हैं कि इंडेक्स में शॉर्ट टर्म में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। टेक्निकली,24,350–24,300 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है, क्योंकि यह पिछले स्विंग लो के साथ मेल खाता है। 24,300 से नीचे एक निर्णायक और लगातार गिरावट और कमजोरी ला सकती है। इसके चलते इंडेक्स शायद शॉर्ट टर्म में 24,000 और फिर 23,800 की ओर फिसल सकता है। ऊपर की ओर 24,800–24,850 का रेंज तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर काम कर सकता है।
उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम
जब तक Nifty 50 वापस 25,500 से ऊपर नहीं चला जाता, तब तक सेल-ऑन-रैली स्ट्रैटेजी काम करेगी। मौजूदा चार्ट स्ट्रक्चर और ओवरऑल मार्केट सेटअप को देखते हुए,रैली पर सेल अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।
बैंक निफ्टी व्यू
कुछ सेशन पहले तक फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर परफॉर्म कर रहे बैंक निफ्टी में पिछले हफ्ते एक बड़ा उलटफेर हुआ। इंडेक्स 4.54 परसेंट गिरा,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले काफी खराब परफॉर्मेंस रहा है। इस गिरावट की वजह से वीकली चार्ट पर एक बड़ा बेयरिश कैंडल बना,जो बैंकिंग स्पेस में भारी सेलिंग प्रेशर और सेंटिमेंट में साफ बदलाव दिखाता है।
इस करेक्शन के साथ,बैंक निफ्टी अपने 20-50-100 डे के EMA लेवल से काफी नीचे फिसल गया है,जिससे कमजोरी का ट्रेंड और मजबूत हुआ है। यह अब अपने अहम 200-डे EMA के करीब पहुंच रहा है, यह एक ऐसा ज़ोन है जिसे संस्थागत निवेशक लंबे समय के ट्रेंड कन्फर्मेशन के लिए बड़े पैमाने पर ट्रैक करते हैं।
मोमेंटम इंडिकेटर भी दे रहे मंदी के संकेत
मोमेंटम इंडिकेटर भी मंदी के संकेत दे रहे हैं। डेली RSI सितंबर 2025 के बाद पहली बार 40 के निशान से नीचे आ गया है,जो बढ़ते डाउनसाइड मोमेंटम का संकेत है। इस बीच,MACD हिस्टोग्राम नेगेटिव साइड पर बढ़ोतरी दिखा रहा है,जो मंदी के दबाव में तेज़ी का संकेत दे रहा है।
बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल्स
इस सेटअप को देखते हुए,जब तक कि निचले लेवल पर मज़बूत खरीदारी नहीं आती, बैंकिंग इंडेक्स अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन में नीचे की ओर जा सकता है। अहम लेवल्स की बात करें तो 57,500–57,400 पर स्थित 200-डे का EMA ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करेगा। 57,400 से नीचे जाने पर शॉर्ट टर्म में 56,800 और फिर 56,000 की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,किसी भी रिकवरी की कोशिश को 58,700–58,800 ज़ोन के पास रुकावट का सामना करना पड़ सकता है,जो इंडेक्स के लिए एक बड़े रेजिस्टेंस का काम करेगा।
डेटा पैटर्न्स ने हाल ही में डेली चार्ट पर एक हॉरिजॉन्टल ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट दिया है,जिसे वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी से सपोर्ट मिला है। RSI अभी 75 के आसपास है,जो मज़बूत मोमेंटम दिखाता है। हालांकि यह स्टॉक को ओवरबॉट ज़ोन के पास है, फिर भी खासकर निफ्टी 50 के मुकाबले डिफेंस स्पेस में बेहतर होती मज़बूती को देखते हुए इसमें और तेज़ी की गुंजाइश है। इसके अलावा,बढ़ता ADX बुलिश ट्रेंड की मज़बूती का संकेत देता है।
दूसरी तरफ, MRPL ने करीब तीन सेशन पहले अपने 20-डे EMA से तेज से वापसी की। इसे भी मज़बूत वॉल्यूम का सपोर्ट मिला। इसका RSI 67 के आस-पास है,जो ओवरबॉट ज़ोन से नीचे है और आगे और तेज़ी की संभावना दिखाता है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने रहते हैं,दोनों स्टॉक ऊपर की ओर बढ़ते रह सकते हैं।
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