Market Insight : 19 अगस्त को इंफ्रा,मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर से नीचे आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 211.43 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 77,024.03 पर और निफ्टी 63.20 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,091.70 पर कारोबार कर रहा है। FMCG,PSU बैंक और IT सेक्टर के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे है। US में चिप शेयरों में गिरावट से MNC पावर स्पेस का सेंटीमेट कमजोर हुआ है। 3-4 फीसदी टूटकर हिताची और GE वर्नोवा वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। वहीं CG पावर में भी तेज बिकवाली है। PNG इन्सेंटिव स्कीम की मंजूरी से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन शेयरों में जोश देखने को मिल रहा है।
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि आवाज़ की चेतावनी काम आई है। पिछले सोमवार हमने बाजार में करेक्शन का नजरिया लिया था। सिर्फ India VIX को देखकर करेक्शन की एक फीलिंग आ रही थी और वहां से अब हम 450 अंकों से ज्यादा गिर चुके हैं। पिछले 7 दिनों से निफ्टी में लोअर हाईज बने हैं और 1 दिन के अलावा लोअर लोज भी लगे हैं। कल भी India VIX में कोई फीयर फैक्टर नहीं था और कल हम खतरे के जोन में बंद हुए हैं।
इस समय दुनिया में सबसे बड़ी कहानी बॉन्ड है। ग्लोबल बॉन्ड्स में बिकवाली अब इक्विटी की गिरावट से भी ज्यादा बड़ी होती जा रही है। US की 30 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 5.3% पर है। जापान की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 2.95% के ऊपर है। जर्मनी की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 3.27% के करीब है। महंगाई,वित्तीय घाटे और भारी कर्ज के चलते बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है।
कच्चा तेल की कहानी दूसरे नंबर पर है। ब्रेंट क्रूड करीब $91-92 पर है। US-ईरान तनाव बढ़ने और हॉर्मुज से सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ा है। एशियाई कारोबार में नायमैक्स का भाव $85 के ऊपर जाता दिखा है। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए एक बड़ा निगेटिव है। महंगे कच्चे तेल से महंगाई बढ़ेगी,रुपये पर दबाव आएगा। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ेगी,RBI पर दबाव बढ़ेगा और शेयर बाजार डरेगा।
2 दिनों से हमने निफ्टी IT में निगेटिव नजरिया लिया था। 2 दिनों में अब निफ्टी IT 3.7% गिर चुका है। आज निफ्टी IT के चलने के संकेत हैं। हालांकि CLSA का डाउनग्रेड जरूर एक निगेटिव फैक्टर है। लेकिन कल चिप शेयर गिरे,सॉफ्टवेयर शेयर बढ़े और आज कोस्पी में तहजीब वाली पिटाई लौटी है। ऐसे में रिवर्स AI ट्रेंड आज काम कर सकती है।
कल सोने और चांदी में भी बड़ी गिरावट हुई। बढ़ी हुई बॉन्ड यील्ड ने सेफ हेवन डिमांड को ओवर पावर किया है। आज गोल्ड फाइनेंस शेयरों पर दबाव दिख सकता है। इसके अलावा हिंद जिंक में भी गिरावट आ सकती है बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉलर क्यों नहीं बढ़ा? इसकी वजह ये है कि अब US सेफ हेवन नहीं रहा है। आज बैंक्स और खास तौर से PSU बैंक्स कमजोर हो सकते हैं। कुछ NBFCs पर भी दबाव आ सकता है।
बाजार में अब बड़ी ट्रेड गिरावट पर मिल रही है और ऐसे में 23,500 तक की करेक्शन भी संभव है। अगर जल्दी 24,450-24,500 हासिल नहीं हुआ तो करेक्शन आ सकता है। पिछले सोमवार से वैसे ही हम काफी गिर चुके हैं। पिछले 2 साल का FIIs का शॉर्ट करने का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। जब-जब उन्होंने सीरीज के बीच में शॉर्ट्स जोड़े,बाजार गिरा है। इस बार भी 8 दिनों में करीब 50,000 नेट शॉर्ट जुड़े हैं। बाजार का सबसे बड़ा इंडेक्स बैंक निफ्टी चलने को तैयार नहीं है। बैंक निफ्टी की हर रैली 200 DMA पर फेल हो रही है। कल भी बैंक निफ्टी का हाई ठीक 200 DMA रहा। रही-सही कसर CAS ने पूरी कर दी है, खास तौर से एक्सपायरी पर। इस बाजार में पैसा बनाने से ज्यादा बचाने पर फोकस करें। बाजार में अभी भी मौके हैं,लेकिन काफी सीमित। ऐसे में जबरदस्ती ट्रेड ना ढूंढें। अगर ट्रेड मिले भी तो मुनाफावसूली जल्दी करें।
निफ्टी के लिए 23,950 मेक ऑर ब्रेक लेवल है। उसके पहले शायद 24,100 पर थोड़ा सपोर्ट मिले। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,180-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है। कवरिंग के लिए 24,350 के ऊपर निकलना जरूरी है। 24,180-24,250 रिजेक्ट हो तो बेचें, SL 24,300 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब निफ्टी 23,950-24,050 को बचाए। इसके लिए SL 23,900 पर सेट करें।
बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 मेक ऑर ब्रेक लेवल हैं। अगर इसके नीचे फिसले तो 56,500 तक की करेक्शन का रिस्क है। इसके लिए पहला रेजिस्टेंस 57,400-57,600 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। HDFC बैंक 5 साल के निचले स्तर पर आ चुका है।
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