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Market Insight : इस बाजार में पैसा बनाने से ज्यादा बचाने पर करें फोकस, जबरदस्ती ट्रेड ना ढूंढें

Market Insight : अनुज सिंघल ने कहा बाजार में अब बड़ी ट्रेड गिरावट पर मिल रही है और ऐसे में 23,500 तक की करेक्शन भी संभव है। अगर जल्दी 24,450-24,500 हासिल नहीं हुआ तो करेक्शन आ सकता है। पिछले सोमवार से वैसे ही हम काफी गिर चुके हैं। पिछले 2 साल का FIIs का शॉर्ट करने का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। जब-जब उन्होंने सीरीज के बीच में शॉर्ट्स जोड़े,बाजार गिरा है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 11:22 AM
Market Insight : इस बाजार में पैसा बनाने से ज्यादा बचाने पर करें फोकस, जबरदस्ती ट्रेड ना ढूंढें
Market Insight : अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,950 मेक ऑर ब्रेक लेवल है। उसके पहले शायद 24,100 पर थोड़ा सपोर्ट मिले। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 24,180-24,250 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 पर है

Market Insight : 19 अगस्त को इंफ्रा,मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर से नीचे आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 211.43 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 77,024.03 पर और निफ्टी 63.20 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,091.70 पर कारोबार कर रहा है। FMCG,PSU बैंक और IT सेक्टर के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे है। US में चिप शेयरों में गिरावट से MNC पावर स्पेस का सेंटीमेट कमजोर हुआ है। 3-4 फीसदी टूटकर हिताची और GE वर्नोवा वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। वहीं CG पावर में भी तेज बिकवाली है। PNG इन्सेंटिव स्कीम की मंजूरी से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन शेयरों में जोश देखने को मिल रहा है।

मार्केट आउटलुक

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि आवाज़ की चेतावनी काम आई है। पिछले सोमवार हमने बाजार में करेक्शन का नजरिया लिया था। सिर्फ India VIX को देखकर करेक्शन की एक फीलिंग आ रही थी और वहां से अब हम 450 अंकों से ज्यादा गिर चुके हैं। पिछले 7 दिनों से निफ्टी में लोअर हाईज बने हैं और 1 दिन के अलावा लोअर लोज भी लगे हैं। कल भी India VIX में कोई फीयर फैक्टर नहीं था और कल हम खतरे के जोन में बंद हुए हैं।

इस समय दुनिया में सबसे बड़ी कहानी बॉन्ड है। ग्लोबल बॉन्ड्स में बिकवाली अब इक्विटी की गिरावट से भी ज्यादा बड़ी होती जा रही है। US की 30 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 5.3% पर है। जापान की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 2.95% के ऊपर है। जर्मनी की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 3.27% के करीब है। महंगाई,वित्तीय घाटे और भारी कर्ज के चलते बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है।

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