Market outlook 2026 : इस साल बैंक कर सकते हैं कमाल, बाजार में मिल सकता है 12% तक का रिटर्न - प्रशांत जैन

Market outlook 2026 : FIIs की बिकवाली का बाजार पर ज्यादा असर नहीं हुआ है। FIIs को ट्रैक करना अब उतना जरूरी नहीं है। 2025 में भारतीय मार्कट ने अंडरपरफॉर्म किया। इसके चलते इमर्जिंग मार्केट की तुलना में प्रीमियम सामान्य हो गया है। ऐसे में 2026 में FIIs की वापसी हो सकती है

अपडेटेड Jan 06, 2026 पर 2:05 PM
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Market outlook 2026 : प्रशांत जैन का फार्मा सेक्टर पर ओवरवेट नजरिया है। वह पुरानी फार्मा कंपनियो में ही निवेशित हैं। हॉस्पिटल और CDMO में भी उनका निवेश है

Market outlook 2026 : साल 2026 बाजार के लिए कैसा रहने वाला है, किन सेक्टर और शेयरों में मिलेंगे कमाई के मौके और किस स्पेस के फंडामेटल बेहतर हैं, इन सभी मुद्दों पर CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने 3P इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के CIO प्रशांत जैन से खास बातचीत की है। इस बातचीत में प्रशांत जैन ने कहा कि इस साल बाजार में 12% तक के रिटर्न मिल सकते है। 2026 में बैंक आउटपरफॉर्म कर सकते हैं। उनको फार्मा में हॉस्पिटल और CDMO स्पेस पसंद हैं। उनकी राय है कि निफ्टी में सबसे अच्छी वैल्यू है। मिड और स्मॉलकैप (Broad Market) में वैल्युएशन उतने अच्छे नहीं हैं। निफ्टी के वैल्युएशन अच्छे हैं। निफ्टी में आगे तेजी बढ़ने की उम्मीद है।

स्मॉलकैप, मिडकैप, लार्जकैप की अर्निंग ग्रोथ में फर्क

प्रशांत जैन का कहना है कि स्मॉलकैप, मिडकैप और लार्जकैप की अर्निंग ग्रोथ में फर्क है। स्मॉलकैप में लो बेस के चलते ज्यादा रिटर्न मिला है। नए निवेशकों को स्मॉलकैप में अच्छा रिटर्न मिला था। लार्जकैप का रिस्क रिवॉर्ड बेहतर है। एक साल से ज्यादा समय से लार्जकैप पर फोकस है। निफ्टी में 2 सेक्टर FMCG और रिटेल महंगे हैं। वहीं, बैंक इंश्योरेंस, फार्मा और ऑटो शेयर फेयर वैल्यू के पास हैं। बैंक शेयरों में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है। रेट कट से बैंकों के मार्जिन सामान्य हो सकते हैं। बैंकों की प्रॉफिट ग्रोथ 1-2 साल अच्छी रह सकती है।


बड़े बैंक पसंद

प्रशांत जैन को बड़े बैंकों ही पसंद हैं। उनकी राय है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में बड़े बैंकों को एडवांटेज है। छोटे बैकों में पिछले एक साल में अच्छा रिटर्न मिला है। अगले एक साल लार्जकैप बैंक पर भी फोकस रहेगा। PSU ना बहुत सस्ते हैं और ना ही बहुत महंगे। PSU को निजी कंपनियों की तरह देखना चाहिए। कुछ सरकारी बैंक काफी मजबूत हैं।

इस बाजार में वैल्युएशन का ज्यादा अंतर नहीं

इस समय कोई भी सेक्टर ना अंडरवैल्यू और ना ओवरवैल्यूड है। बैंक में औसत से ज्यादा रिटर्न मिलना चाहिए। कंज्यूमर और रिटेल में औसत से कम रिटर्न संभव है। इस बाजार में वैल्युएशन का ज्यादा अंतर नहीं है। डिफेंस सेक्टर की कंपनियां फेयर वैल्यू के करीब है। प्रशांत जैन ने बताया कि वे डिफेंस कंपनियों में निवेशित नहीं हैं। EMS सेक्टर में भी उनका कोई निवेश नहीं है। हालांकि उनका मानन ह कि मैन्युफैक्चरिंग में लॉन्ग टर्म में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

AI के आने से IT खर्च नहीं घटेगा

प्रशांत जैन की राय है कि AI के आने से मैन पावर की जरूरत कम होती है। AI के आने से IT खर्च नहीं घटेगा। कुछ समय IT खर्च में कमी नहीं होगी, लेकिन खास ग्रोथ नहीं दिख रही है।

निफ्टी में 11-12% से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं

उनका मानना है कि निफ्टी में 11-12% से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं है। कैपिटल मार्केट कंपनियों के मल्टीपल ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि कैपिटल मार्केट के किसी बिजनेस में उनका निवेश नहीं है। स्मॉलकैप-मिडकैप में रिटर्न कम रहे हैं। MFs सेक्टर की कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। MF पर ट्रेडिंग वॉल्यूम से ज्यादा असर नहीं होगा।

पावर फाइनेंस में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं

पावर फाइनेंस कंपनियां पहले काफी सस्ती थीं। पावर फाइनेंस शेयर के वैल्युएशन अब ठीक है। पावर फाइनेंस में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं है। एनर्जी स्पेस काफी बड़ा है। शेयरों के लिहाज से सोचे। एनर्जी सेक्टर में काफी बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका एनर्जी में कोई खास निवेश नही हैं।

फार्मा सेक्टर पर ओवरवेट नजरिया

प्रशांत जैन का फार्मा सेक्टर पर ओवरवेट नजरिया है। वह पुरानी फार्मा कंपनियो में ही निवेशित हैं। हॉस्पिटल और CDMO में भी उनका निवेश है। उनका मानना है कि फार्मा शेयर काफी महंगे हैं। लाइफ इंश्योरेंस में बड़ी कंपनियों को फायदा मिला है। वे लाइफ इंश्योरेंस की बड़ी कंपनियों में भी निवेश हैं। जनरल इंश्योरेंस में उनका निवेश नहीं हैं।

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2026 में हो सकती है FIIs की वापसी

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि इस साल प्राइमरी मार्केट में 4-5 लाख करोड़ रुपए की सप्लाई हुई है। घरेलू निवेशक सबसे बड़े खरीदार रहे हैं। FIIs की बिकवाली का बाजार पर ज्यादा असर नहीं हुआ है। FIIs को ट्रैक करना अब उतना जरूरी नहीं है। 2025 में भारतीय मार्कट ने अंडरपरफॉर्म किया। इसके चलते इमर्जिंग मार्केट की तुलना में प्रीमियम सामान्य हो गया है। ऐसे में 2026 में FIIs की वापसी हो सकती है। 2026 का साल बाजार के लिए 2025 से बेहतर हो सकता है। 2026 में बैंकिंग बाजार को लीड करेगा। नतीजों में सुधार से बाजार को सपोर्ट मिलेगा।

 

 

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