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Market outlook : भले ही तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे गिर जाएं,भारत के लिए बनी रहेंगी मुश्किलें : बर्नस्टीन

Market outlook : बर्नस्टीन का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट की लड़ाई लंबी खिंचती है तो भारत के लिए इसके गंभीर नतीजे होंगे। ऐसा होने पर सप्लाई में बाधा,दोहरे अंकों की महंगाई, GDP ग्रोथ का घटकर 2–3 प्रतिशत रह जाना,रुपये का 110 से भी ज़्यादा कमज़ोर होना और निफ्टी का 20,000 से काफी नीचे गिर जाना जैसे खतरे देखने को मिल सकते हैं

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 26, 2026 पर 3:52 PM
Market outlook : भले ही तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे गिर जाएं,भारत के लिए बनी रहेंगी मुश्किलें : बर्नस्टीन
ब्रोकरेज ने इस बात पर जोर दिया कि हाल के वर्षों में भारत का मज़बूत आर्थिक प्रदर्शन,काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से जुड़ा रहा है। यह भारत की ग्लोबल फैक्टर्स के प्रति संवेदनशीलता को दिखाता है

Market Outlook : एक जाने-माने विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अपने ताज़ा नोट में कहा है कि भले ही कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ जाएं, फिर भी उसके पूरे साल ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है। इससे भारत के मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए,ब्रोकरेज ने साल 2026 के आखिर के लिए अपने निफ्टी टारगेट को घटाकर 26000 कर दिया है।

बढ़ सकती है महंगाई

ब्रोकरेज ने कहा कि उसे इस बात की काफी संभावना दिख रही है कि गर्मियों में महंगाई दर 6 प्रतिशत के पार जा सकती है,जिससे ब्याज दरों में कटौती में कम से कम दो तिमाहियों की देरी हो सकती है और GDP ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। बर्नस्टीन ने कहा कि हालांकि उसे उम्मीद है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष आखिरकार शांत हो जाएगा,लेकिन इसके चलते पहले ही काफी ढांचागत बदलाव आ चुका है।

लड़ाई के अप्रैल से आगे खिंचने की आशंका नहीं

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