Market outlook : RBI पॉलिसी के दिन लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 11 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market trend : इनवेसेट पीएमएस के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने कहा कि आरबीआई ने ग्रोथ पर फोकस करने का संकेत दिया है। महंगाई के नियंत्रण में बने रहने की उम्मीद के साथ वित्त वर्ष 2026 के रिटेल महंगाई के पूर्वानुमान को अब घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। केंद्रीय बैंक को मैक्रो स्टेबिलिटी को जोखिम में डाले बिना मांग बढ़ाने के प्रयास करने की गुंजाइश नजर आई है

अपडेटेड Apr 09, 2025 पर 4:31 PM
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Market cues : तकनीकी चार्ट संकेत देते हैं कि 22,300-22,250 की रेंज आगे की गिरावट के खिलाफ निफ्टी के लिए एक मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकती है

Stock market : 9 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी आज 22500 से नीचे चला गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 379.93 अंक या 0.51 फीसदी की गिरावट के साथ 73,847.15 पर और निफ्टी 136.70 अंक या 0.61 फीसदी की गिरावट के साथ 22,399.15 पर बंद हुआ। आज लगभग 1500 शेयरों में तेजी आई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 138 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

विप्रो, एसबीआई, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, ट्रेंट निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे। जबकि नेस्ले, एचयूएल, टाटा कंज्यूमर, टाइटन कंपनी और पावर ग्रिड कॉर्प आज के टॉप गेनरों में रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.8 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी नीचे बंद हुआ। ऑटो (0.3 फीसदी ऊपर) और एफएमसीजी (1.5 फीसदी ऊपर) को छोड़कर, अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें भी आईटी और पीएसयू बैंक 2 फीसदी टूट कर बंद हुए हैं।

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इनवेसेट पीएमएस के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने कहा कि आरबीआई ने ग्रोथ पर फोकस करने का संकेत दिया है। महंगाई के नियंत्रण में बने रहने की उम्मीद के साथ वित्त वर्ष 2026 के रिटेल महंगाई के पूर्वानुमान को अब घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। केंद्रीय बैंक को मैक्रो स्टेबिलिटी को जोखिम में डाले बिना मांग बढ़ाने के प्रयास करने की गुंजाइश नजर आई है।

टैरिफ़ को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को परेशान कर रखा है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज़ के वी के विजयकुमार ने कहा, "अनिश्चितता सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। ग्लोबल ट्रेड और ग्लोबल इकोनॉमी इस अराजकता से कैसे उबरती है, यह देखना अभी बाकी है। लेकिन बाज़ार में गिरावट लंबी अवधि के नज़रिए से साहसी निवेशकों के लिए अच्छा अवसर प्रदान कर रही है।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत के इस "ट्रम्प शेकआउट" में सबसे कम प्रभावित होने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने की संभावना है। घरेलू खपत में मजबूती बनी हुई है। ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती से आगे और मौद्रिक प्रोत्साहन मिल सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट भी भारत के लिए पॉजिटिव है। हालांकि,ग्लोबल मंदी और महंगाई में बढ़त बाजार को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।

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तकनीकी चार्ट संकेत देते हैं कि 22,300-22,250 की रेंज आगे की गिरावट के खिलाफ एक मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकती है। एंजेल वन के समीत चव्हाण का कहना है कि 22,000 के स्तर को एक अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा सकता है। जबकि 22,700-22,850 एक अहम रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर निफ्टी बाधा को पार कर लेता है तो मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है।

 

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