Market outlook : 23900 से नीचे फिसला निफ्टी, जानिए 12 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock Market : निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.2% गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.36% नीचे बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से, ऑटो, FMCG, PSU बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स, IT, रियल्टी में 0.5-2% की गिरावट आई। जबकि ऑयल एंड गैस, फार्मा इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 4:47 PM
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Market cues : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के रुचित जैन ने कहा कि हाल के उछाल के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट में अभी भी लोअर टॉप-लोअर बॉटम फ़ॉर्मेशन दिख रहा है

Stock Market : 11 मार्च को निफ्टी 23,900 से नीचे फिसल गया और भारतीय इक्विटी इंडेक्स नेगेटिव नोट पर बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,342.27 अंक या 1.72 फीसदी गिरकर 76,863.71 पर था और निफ्टी 394.75 अंक या 1.63 फीसदी गिरकर 23,866.85 पर बंद हुआ। लगभग 1807 शेयर बढ़े, 2277 शेयर गिरे, और 138 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयर बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, आयशर मोटर्स और M&M रहे, जबकि बढ़ने वाले शेयर NTPC, जियो फाइनेंशियल, कोल इंडिया, सन फार्मा और डॉ रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.2% गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.36% नीचे बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से, ऑटो, FMCG, PSU बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स, IT, रियल्टी में 0.5-2% की गिरावट आई। जबकि ऑयल एंड गैस, फार्मा इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।


आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान के बीच चल रहे झगड़े की वजह से घरेलू शेयर बाज़ार नीचे बंद हुए। बाजार में जोखिम से बचने की भावना हावी रही। एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावट और राशनिंग से बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों को प्रॉफ़िट बुक करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा FII की लगातार बिकवाली ने भी बाज़ार पर और दबाव बढ़ा दिया।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो डिमांड में कमी की चिंताओं के बीच ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी स्टॉक्स में गिरावट का सबसे ज़्यादा असर पड़ा। इसके उलट, डिफेंसिव माने जाने वालेहेल्थकेयर स्टॉक्स खरीदारी दिखी। सरकार द्वारा गैस एलोकेशन को प्राथमिकता देने के बाद गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को फ़ायदा हुआ। आगे बाजार में सतर्क बनी रहने की संभावना है। निवेशक नए दांव लगाने से पहले U.S. और घरेलू महंगाई के आंकड़ों और मैक्रो सिग्नल्स पर नजर रखेंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज मंदड़ियों का दबदबा बना रहा और उम्मीद के मुताबिक वे 24,300 के लेवल के आसपास दिखे, जिससे दिन में तेज़ गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और नैचुरल गैस की सप्लाई में रुकावट ने भारतीय इक्विटी मार्केट में हलचल मचा दी। पहले से ही कमज़ोर टेक्निकल चार्ट और कमज़ोर हो गया। 50DMA और 200DMA के बीच का पॉज़िटिव गैप कम होता दिख रहा है, जिससे डेथ क्रॉस का खतरा बढ़ गया है। डेथ क्रॉस तब होता है जब 50DMA, 200DMA को ऊपर से काटता है। अगर ऐसा होता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे निफ्टी काफी नीचे जा सकता है। निफ्टी के लिए 23,700 और 23,300 पर सपोर्ट हैं। जबकि ऊपरी स्तर पर रेजिस्टेंस 24,100 पर है।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी में आज और बिकवाली हुई और यह करीब 415 अंक गिरकर 23,850 पर बंद हुआ। इंडेक्स कल की रिकवरी को बनाए रखने में नाकाम रहा, जिससे पता चलता है कि यह रैली ज़्यादातर नई खरीदारी के बजाय शॉर्ट-कवरिंग की वजह से आई थी। जब मार्केट रिबाउंड को बनाए नहीं रख पाते हैं, तो यह आमतौर पर बाजार में कमज़ोर सेंटिमेंट और सावधानी की स्थिति का संकेत होता है।

टेक्निकल नज़रिए से, 23,600–23,800 शॉर्ट टर्म में एक अहम सपोर्ट बैंड है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक गिरावट को 23,200 के लेवल तक तेज़ कर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,100 अब तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

फिलहाल, मार्केट का मूड डिफेंसिव बना हुआ है, जिसमें ट्रेडर्स नई लॉन्ग बनाने के बजाय रैली पर पोज़िशन हल्की करना पसंद कर रहे हैं। जब तक हमें 24,450 के ऊपर एक मज़बूत क्लोजिं नहीं देखती, तब तक कमजोरी का रुझान रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ उछाल पर बिकवाली की स्ट्रेटेजी अपनाना जारी रख सकते हैं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के रुचित जैन ने कहा कि हाल के उछाल के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट में अभी भी लोअर टॉप-लोअर बॉटम फ़ॉर्मेशन दिख रहा है। जिससे पता चलता है कि मौजूदा मूव को इस स्टेज पर एक कन्फर्म ट्रेंड रिवर्सल के बजाय एक पुलबैक के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस पुलबैक को बनाए रखने के लिए, निफ्टी को 24,200 के लेवल से ऊपर टिके रहने की ज़रूरत है। ऐसा होने पर 24,444 और 24,600 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 24,000 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है, जिसके बाद 23,800 पर अगला बड़ा सपोर्ट है।

 

 

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