Market outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 30 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market outlook : सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें PSU बैंकों और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली,जो 3 फीसदी से भी ज़्यादा गिरे। ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,कैपिटल गुड्स और प्राइवेट बैंकों में 2 फीसदी की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट में भी यही कमजोरी देखने को मिली
Market cues : एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक मज़बूत 'बेयरिश कैंडलस्टिक'के साथ सत्र का समापन किया,जिससे बाज़ार में जारी कमज़ोरी और मजबूत हुई है
Market outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 मार्च को अपनी दो दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,850 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,583.22 पर और निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,819.60 पर बंद हुआ। लगभग 765 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 3420 शेयरों में गिरावट आई और 123 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इनमें PSU बैंकों और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखने को मिली,जो 3 फीसदी से भी ज़्यादा गिरे। ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,कैपिटल गुड्स और प्राइवेट बैंकों में 2 फीसदी की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट में भी यही कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.2 फीसदी गिरा और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.7 फीसदी की गिरावट आई।
निफ्टी के शेयरों में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वालों में श्रीराम फाइनेंस,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,इंटरग्लोब एविएशन,रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं ONGC,TCS,विप्रो,भारती एयरटेल और कोल इंडिया उन चुनिंदा शेयरों में शामिल रहे जिनमें बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी व्यू
LKP सिक्योरिटीज में वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि रुपये की कमजोरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार हो रही निकासी से मंदी का माहौल बना हुआ है। निफ्टी 21 घंटे के ईएमए से नीचे कारोबार कर रहा है,जो शॉर्ट टर्म में मंदी के रुझान के कायम रहने का संकेत है। इसके अलावा,आरएसआई ने बियरिश क्रॉसओवर दर्ज किया है,जो निगेटिव रुझान को और मजबूत करता है।
बाजार में मौजूदा अनिश्चितताओं को देखते हुए,निकट भविष्य में उछाल पर बिकवाली की रणनीति काम करेगी। तकनीकी रूप से,23,500 की ओर किसी भी उछाल पर बिकवाली का दबाव पड़ सकता है,क्योंकि यह स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। दूसरी ओर,22,800 से नीचे का ब्रेक बाजार में और कमजोरी ला सकता है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के आस-पास ही बना हुआ है। इससे पता चलता है कि ओवरसोल्ड ज़ोन में पहुंचने के बावजूद दबाव बना हुआ है। इसके लिए सपोर्ट 22,500 के आस-पास है। अगर यह लेवल निर्णायक रूप से टूटता है तो निफ्टी और नीचे गिरकर 22,000 तक जा सकता है। दूसरी ओर, 23,000 का लेवल रेजिस्टें का काम कर सकता है। अगर कोई रिकवरी होती है तो 23,500 के ज़ोन के आस-पास और बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
HDFC सिक्योरिटीज में वरिष्ठ तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नागराज शेट्टी का कहना है कि पिछले कुछ सत्रों में उछाल देखने के बाद,शुक्रवार को निफ्टी में भारी गिरावट आई और यह 486 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। कमज़ोर शुरुआत के बाद,बाज़ार सत्र के ज़्यादातर समय में नीचे की ओर ही खिसकता रहा। सत्र के बीच के हिस्से में किसी भी मजबूत रिकवरी का कोई संकेत नहीं मिला और अंत में निफ्टी अपने निचले स्तरों के करीब ही बंद हुआ।
डेली चार्ट पर एक लॉन्ग 'बेयर कैंडल' बनी है,जो यह संकेत देती है कि पुलबैक के बाद निफ्टी में तेज़ी से गिरावट आ सकती है। बाज़ार की यह हलचल डेली टाइमफ्रेम चार्ट पर 23465 के स्तर पर एक नए 'लोअर टॉप रिवर्सल पैटर्न' के बनने का संकेत देती है। यह पिछले एक महीने से चल रहे 'लोअर टॉप्स और बॉटम्स' जैसे मंदी के पैटर्न के मुताबिक ही है।
हाल की पुलबैक रैली के बाद,निफ्टी का मूल रुझान तेज़ी से नीचे की ओर झुक गया है। आने वाले हफ़्ते में 22450 के स्तर तक और उससे भी नीचे और कमज़ोरी आने की उम्मीद की जा सकती है। पोजीशनल सपोर्ट 22000 पर है। तत्काल रेजिस्टेंस 23200 पर है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक मज़बूत 'बेयरिश कैंडलस्टिक'के साथ सत्र का समापन किया,जिससे बाज़ार में जारी कमज़ोरी और मजबूत हुई है। 'लोअर हाई' और 'लोअर लो' का पैटर्न अभी भी बना हुआ है,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।
RSI पर एक हिडेन बेयरिश डाइवर्जेंस ट्रेंड के जारी रहने की संभावना का संकेत है। कुल मिलाकर यह सेटअप बताता है कि नियर टर्म में 'सेल-ऑन-राइज' (उछाल पर बिकवाली) का तरीका अपनाना चाहिए। बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट 51,500 के स्तर के आस-पास है,जबकि रेजिस्टेंस 53,000–53,200 के दायरे में दिख रहा है, जिससे उम्मीद है कि यह किसी भी शॉर्ट टर्म रिकवरी को सीमित रखेगा।
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