Stock Market : 8 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मज़बूत बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,000 के बहुत करीब बंद हुआ है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,562.90 पर और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.35 पर बंद हुआ है। आज लगभग 3698 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई,505 शेयरों में गिरावट आई और 90 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। छोटे-मझोले शेयरों में भी बढ़त रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 4-4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,अदाणी एंटरप्राइजेज,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,इंटरग्लोब एविएशन और आयशर मोटर्स शामिल रहे। जबकि, निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में कोल इंडिया,टेक महिंद्रा,नेस्ले इंडिया,विप्रो और ONGC शामिल रहे।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। ऑटो और रियल्टी सेक्टर में 6 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त दर्ज की गई। जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,ऑयल एंड गैस,टेलीकॉम,इंफ्रा,PSU बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में 3 से 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securitie) के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि निफ्टी ने लगभग 900 अंकों की बढ़त के साथ मज़बूत क्लोजिंग की। ये बाज़ार के मूड में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है। इससे हाल की कमज़ोरी के दौर के बाद ट्रेंड में बदलाव का संकेत मिलता है। निफ्टी ने आज पूरे सेशन के दौरान अपनी बढ़त बनाए रखी। यह मज़बूत खरीदारी की रुचि और आगे भी तेजी का मोमेंटम जारी रहने का संकेत है। इस तरह का प्राइस एक्शन बताता है कि अब गिरावट आने पर तेजी से खरीदारी की जा रही है। इससे नियर टर्म में तेज़ी जारी रहने का नज़रिया और मज़बूत हो रहा है।
बैंक निफ्टी ने आज की रैली को मज़बूत सहारा दिया और 3000 से ज़्यादा अंकों की बढ़त के साथ 55750 पर बंद हुआ। ये बैंकिंग सेक्टर में व्यापक मज़बूती को दिखाता है। टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,600–23,800 के दायरे में है,जबकि रेजिस्टेंस 24,100–24,200 के आसपास दिख रहा है। रेजिस्टेंस के ऊपर लगातार बढ़त इस रैली को और आगे बढ़ा सकती है। आगे हमें'गिरावट पर खरीदारी' की रणनीति काम करती दिख सकती है, क्योंकि आने वाले सत्रों में बाज़ार के एक्टिव और अवसरों से भरे रहने की संभावना है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि मध्यपूर्व में सीज़फ़ायर से बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है। होर्मुज़ स्ट्रेट के फिर से खुलने से भारत को तत्काल फ़ायदा हुआ है। इससे तेल की कीमतें 100 डॉलर से नीचे आ गई हैं और FY27 EPS ग्रोथ के लिए निगेटिव जोखिम कम हो गए हैं।
बाज़ार के माहौल में आए ज़बरदस्त सुधार की वजह से 10-साल के बॉन्ड यील्ड में काफ़ी गिरावट आई है और रुपया मज़बूत हुआ है। जबकि RBI के यथास्थिति बरकरार रखने के रुख़ से फ़ाइनेंशियल सेक्टर को और भी ज़्यादा सहारा मिला है। हालांकि Q4 के नतीजों को लेकर उम्मीदें थोड़ी कम हैं,फिर भी निवेशक सही वैल्यूएशन और मिड टर्म में अर्निंग के स्थिर रुझान वाली कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि नियर टर्म में बाज़ार की इस तेज़ी (रैली) के जारी रहने की अभी भी गुंजाइश बनी हुई है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि 24,400 का लक्ष्य लेकर हमने इस हफ़्ते की शुरुआत की थी। अब हम इस लक्ष्य से बस एक कदम दूर है। कल बाज़ार में जो गिरावट आई थी,वह हमारे 22,790 के पिवट और 22,640 के निचले स्तर के बीच ही सिमटकर रह गई। इसके बाद बाज़ार में तेज़ी देखने को मिली। हालांकि हम बाज़ार के गैप-अप ओपनिंग के लिए तैयार हैं,लेकिन शुरुआती दौर में यह बढ़त 23,950 तक ही सीमित रह सकती है। हालांकि,अगर इसके बाद आने वाली कोई गिरावट 23,465 के स्तर से नीचे नहीं जाती है, तो बाज़ार की आगे की बढ़त जारी रहेगी।
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