Market outlook : सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन तेजी, जानिए 15 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
Market Outlook: बाजार के जानकारों का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी की मुख्य वजह हालिया करेक्शन के बाद 'वैल्यू बाइंग'है। हालिया करेक्शन के चलते दोनों इंडेक्स में 4% की गिरावट आई थी। ऐसे में ओवरसोल्ड मार्केट में एक'रिलीफ रैली'देखने को मिल रही है
Market cues :जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि लोअर बोलिंगर बैंड के नीचे लगातार दो क्लोजिंग और एक संभावित 'मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक'पैटर्न,बुधवार की रिकवरी के जारी रहने की संभावना की ओर इशारा कर रहे है
Market Outlook : गुरुवार, 14 मई को बैंकिंग,फार्मा,मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में ज़ोरदार खरीदारी की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी में भारी तेजी देखने को मिली,जबकि IT शेयर पूरे सत्र के दौरान दबाव में रहे। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 789.74 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,398.72 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 277 अंक या 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,689.60 पर बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स में ज़ोरदार तेजी के बावजूद बाजार का रुख मिला-जुला रहा। 2,019 शेयरों में बढ़त देखने को मिली,जबकि 1,988 शेयरों में गिरावट आई।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी फार्मा में 2.74 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी मेटल में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि बैंकिंग इंडेक्स भी मजबूती के साथ ऊपर चढ़ा। इसके विपरीत,निफ्टी IT में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में Infosys, Tech Mahindra, HCL Tech और TCS शामिल रहे। मिडकैप शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया,जबकि स्मॉलकैप शेयर लगभग सपाट ही रहे।
बाजार जानकारों का कहना है कि बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी की मुख्य वजह हालिया करेक्शन के बाद हुई 'वैल्यू बाइंग'है। हालिया करेक्शन के चलते दोनों इंडेक्स में 4% की गिरावट आई थी। ऐसे में ओवरसोल्ड मार्केट में एक'रिलीफ रैली'देखने को मिल रही है। इसकी वजह यह अटकलें हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी काउंटरपार्ट शी जिनपिंग, ट्रंप की मौजूदा बीजिंग यात्रा के दौरान मध्य-पूर्व के संघर्ष पर चर्चा कर सकते हैं। भू-राजनीतिक और रणनीतिक पेचीदगियों के बावजूद,चीन-अमेरिका वार्ता मध्य-पूर्व संघर्ष के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में एक सकारात्मक भूमिका निभा सकती है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग में रिसर्च के SVP,अजीत मिश्रा का कहना है कि रैली को एक रिलीफ रैली ही कहा जा सकता है, क्योंकि पिछले चार-पांच सेशन में बाज़ार में काफ़ी गिरावट आई थी। आज की बढ़त भी,प्रतिशत के हिसाब से महज़ 1% के आस-पास ही है। इसमें कुछ 'शॉर्ट कवरिंग'भी हो सकती है, खास तौर पर उन ट्रेडर्स की तरफ़ से जिन्होंने कल'शॉर्ट पोज़िशन'ले रखी थीं और अब,कल के हाई के पार जाने के बाद वे अपना 'एक्सपोज़र'कम कर रहे हैं।
बाज़ार अभी व्यापक स्तर पर खरीदारी के बजाय,सेक्टर स्पेसिफिक नजरिए से चल रहा है। ऐसा नहीं है कि सभी सेक्टर एक ही समय पर नीचे की तरफ जा रहे हैं, और यह बात भी बाज़ार की रिकवरी में योगदान दे रही है।
कुछ ऐसे सेक्टर्स में तेजी नजर आ रही है जो पहले से ही मज़बूती दिखा रहे थे। उदाहरण के लिए मेटल्स सेक्टर काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। हमें अलग-अलग सेक्टर्स के कुछ बड़े शेयरों से भी बारी-बारी से सपोर्ट मिल रहा है। आज की तेजी को तब तक सिर्फ़ एक 'बाउंसबैक'माना जाएगा जब तक कि निफ्टी 24,000 के स्तर को निर्णायक रूप से पार नहीं कर लेता। इसके बिना,ऐसा हीं लगता कि हम इसे बाज़ार में कोई सार्थक या टिकाऊ रिकवरी कह सकते हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स (Geojit Investments) के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट, वीके विजय कुमार ने कहा। रुपये का लगातार गिरना अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो रुपया 100 के स्तर तक पहुंच जाएगा। रुपये पर दूसरा बड़ा दबाव भारतीय बाज़ार में FPIs द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है।
विदेशी निवेशकों का पैसा अमेरिका,जापान,दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाज़ारों में जा रहा है,जो बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। जब तक इन बाज़ारों का बेहतर प्रदर्शन और भारत का कमज़ोर प्रदर्शन जारी रहेगा,FPIs बिकवाली करते रहेंगे,जिससे रुपया और नीचे गिरेगा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि लोअर बोलिंगर बैंड के नीचे लगातार दो क्लोजिंग और एक संभावित 'मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक'पैटर्न,बुधवार की रिकवरी के जारी रहने की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं। मजबूती की पुष्टि के लिए निफ्टी को 23,680 के स्तर से ऊपर जाने की जरूरत होगी। इसके विपरीत,23,300 के स्तर से नीचे फिसलने पर 22,800 के स्तर भी देखने को मिल सकते हैं।
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