Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी

अपडेटेड Jun 25, 2026 पर 4:31 PM
Market Outlook : भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।


जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

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