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Market outlook : सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद, जानिए 26 दिसंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Stock market today : छुट्टियों वाले छोटे हफ़्ते में भारतीय शेयर बाज़ार ज़्यादातर एक ही दायरे में रहे हैं। साल खत्म होने के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी कम रहा। यह ट्रेंड पूरे एशियाई बाज़ारों में देखने को मिला है

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 4:39 PM
Market outlook : सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद, जानिए 26 दिसंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल
Nifty trend : एसबीआई सिक्योरिटीज के हेड, टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे चलकर, निफ्टी के लिए 26,200-26,250 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। 26,250 के लेवल से ऊपर कोई भी तेज़ी 26,350 के लेवल की ओर बढ़त जारी रख सकती है

Market trend : भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार, 24 दिसंबर को मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच लाल निशान में बंद हुए। रिलायंस और ICICI बैंक सहित कुछ बड़ी कंपनियों में प्रॉफिट बुकिंग के कारण बाजार पर दबाव बना। सेंसेक्स 116 अंक, या 0.14% गिरकर 85,408.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 35 अंक, या 0.13% गिरकर 26,142.10 पर बंद हुआ। BSE मिडकैप इंडेक्स 0.37% गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.14% नीचे बंद हुआ। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 475.70 लाख करोड़ रुपए से गिरकर 475 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि छुट्टियों वाले छोटे हफ़्ते में भारतीय शेयर बाज़ार ज़्यादातर एक ही दायरे में रहे हैं। साल खत्म होने के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी कम रहा। यह ट्रेंड पूरे एशियाई बाज़ारों में देखने को मिला है।

RBI द्वारा हाल ही में घोषित लिक्विडिटी के उपायों जैसे, OMO और USD/INR बाय-सेल स्वैप से सिस्टम में लिक्विडिटी में सुधार होने और करेंसी में उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ग्लोबल मार्केट की बात करें तो उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत US GDP डेटा इकोनॉमिक मज़बूती की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती बेरोज़गारी ने उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। कमज़ोर डॉलर और बढ़ते जियोपॉलिटिकल जोखिमों के कारण सोने की रैली जारी रही, जिसे फेड की पॉलिसी में लगातार ढील की बढ़ती उम्मीदों से सपोर्ट मिला। इस बीच, ब्रेंट क्रूड कई सालों के निचले स्तर के पास बना हुआ है। इससे महंगाई में नरमी की उम्मीद बढ़ी है। आगे मार्केट की एक्टिविटी धीमी रहने की संभावना है, हालांकि निवेशक यूएस-इंडिया ट्रेड के मोर्चे पर होने वाले डेवलपमेंट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।

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