Stock Market : 27 फरवरी को निफ्टी के 25,200 से नीचे रहने के साथ भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर और निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। आद लगभग 1615 शेयर बढ़े, 2392 शेयर गिरे और 173 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी नीचे बंद हुए।
डॉ रेड्डीज लैब्स, भारती एयरटेल, M&M, HDFC लाइफ, सन फार्मा निफ्टी पर सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में से थे,जबकि ट्रेंट, HCL टेक, इंफोसिस, अपोलो हॉस्पिटल्स को फ़ायदा हुआ। सेक्टर्स में, ऑटो, बैंक, FMCG, मेटल, रियल्टी, टेलीकॉम में 1-2% की गिरावट आई,जबकि IT, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान पर बंद हुए।
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के संस्थापक गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी में बिकवाली देखने को मिली। ये 316 अंक गिरकर 25,180 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकडाउन कन्फर्म किया और अहम सपोर्ट लेवल से नीचे सेटल हुआ। ये शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में साफ बदलाव का इशारा है।
25,100 ज़ोन अब बहुत अहम हो गया है। इस लेवल से नीचे मूव करने से 24,800 मार्क की ओर गिरावट की रफ़्तार बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ़, 25,350–25,400 रेंज जो पहले सपोर्ट का काम करती थी,अब रेजिस्टेंस का काम कर सकती है।
ब्रेकडाउन से पता चलता है कि सेलर्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है और रैली को ऊपरी लेवल पर सप्लाई का सामना करना पड़ सकता है। रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स सबसे बड़े लूज़र्स में से रहे। ये बड़े लेवल पर दबाव का संकेत है।
अभी के सेटअप में, ट्रेडर्स को मौजूदा लॉन्ग पोजीशन पर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना चाहिए और जब तक इंडेक्स अपने टूटे हुए सपोर्ट लेवल को वापस नहीं ले लेता,तब तक सेल-ऑन-राइज़ अप्रोच अपनाना चाहिए । ऐसे करेक्टिव फेज में रिस्क मैनेजमेंट सबसे ज़रूरी हो जाता है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर का कहना है कि कमजोर ग्लोबल संकेतों और सभी सेक्टर्स में सावधानी के माहौल के बीच आज मार्केट नीचे ट्रेड करते दिखे। आगे इन्वेस्टर्स की नजर ग्लोबल बॉन्ड यील्ड,क्रूड ऑयल ट्रेंड्स और करेंसी मूवमेंट,खासकर डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर रहेगी। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल फ्लो,आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और सेक्टर स्पेसिफिक डेवलपमेंट्स शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ग्लोबल सेंट्रल बैंक पॉलिसी के रुख पर कोई भी क्लैरिटी (खासकर US फेडरल रिजर्व से) आगे के संकेत दे सकती है। मजबूत पॉजिटिव ट्रिगर्स की गैर-मौजूदगी में मार्केट रेंज बाउंड रह सकते हैं,जिसमें स्टॉक स्पेसिफिक मौके मिल सकते हैं।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 60,900-60,600 ज़ोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 61,400-61,500 बैंड में बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक ये अहम सपोर्ट बने रहते हैं, कुल मिला कर बाजार का रुख अच्छा रहेगा।
ICICIDirect का कहना है कि बैंक निफ्टी बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले रिलेटिव मज़बूती दिखा रहा है और निफ्टी के मुकाबले अपने रिकॉर्ड हाई के ज़्यादा करीब है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि 61,800 के ऊपर की एक टिकाऊ क्लोजिंग हासिल करने में फेल होने का नतीजा ऊपरी लेवल के पास कंसोलिडेशन हो सकता है।
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