Stock market : एफएंडओ एक्सपायरी वाले दिन 30 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी बढ़त के साथ 24,850 के आसपास बंद हुआ है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 143.91 अंक या 0.18 फीसदी बढ़कर 81,481.86 पर और निफ्टी 33.95 अंक या 0.14 फीसदी बढ़कर 24,855.05 पर बंद हुआ है। लगभग 1960 शेयरों में तेजी रही। 1877 शेयरों में गिरावट देखने को मिली और 154 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो मीडिया, ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी प्रत्येक में 0.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। जबकि आईटी, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स में खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी पर एलएंडटी, टाटा कंज्यूमर, एनटीपीसी, सन फार्मा, मारुति सुजुकी टॉप गेनरों में रहे। जबकि टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, पावर ग्रिड कॉर्प, बजाज ऑटो और इटरनल सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार सीमित दायरे में कारोबार करते हुए मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। सपाट शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और अंततः 24,855.05 पर बंद हुआ। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता, भारत पर संभावित टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति के ताजे बयान और 1 अगस्त की समय सीमा से पहले समझौते को अंतिम रूप देने में हो रही देरी के कारण बाजार में सुस्ती बनी रही। इसके अलावा, FOMC बैठक के नतीजों से पहले सतर्कता देखने को मिल रही है। हालांकि, यूएस फेड से ब्याज दरों में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन फेड की टिप्पणी पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।
सेक्टोरल फ्रंट पर मिला-जुला रुख देखने को मिला है। आईटी और एफएमसीजी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए हैं। जबकि रियल्टी और ऑटो में गिरावट आई है। ब्रॉडर मार्केट में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला है। मिडकैप इंडेक्स सपाट रहा। जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग आधा फीसदी लुढ़क गया।
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में बाजार अमेरिकी फेड चेयर मैन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करेगा। निफ्टी के लिए 25,000-25,100 का जोन रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा और अगर बाजार में उछाल आता है तो यहां से नई बिकवाली आ सकती है। वहीं, नीचे की तरफ 24,450-24,550 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए सतर्क रुख बनाए रखने और हेजिंग की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने डेली टाइम फ्रेम पर 50 ईएमए से नीचे रहते हुए एक सीमित दायरे में कारोबार किया। बाजार का शॉर्ट टर्म रुझान थोड़ा कमज़ोर बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स इस अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। हालांकि,एक अच्छी संभावना भी बनी हुई है, जिसे एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न के फॉर्मेशन और एक हिडेंट पॉजिटिव डाइवर्जेंस का सपोर्ट हासिल है। सरल शब्दों में कहें तो निफ्टी शॉर्ट टर्म में 25,000-25,200 की ओर बढ़ना जारी रख सकता है। इसके लिए 24,750 पर सपोर्ट है। इस स्तर से नीचे जाने पर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है।
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