Stock Market : 7 अगस्त को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी निफ्टी 24,600 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 79.27 अंक या 0.10 फीसदी बढ़कर 80,623.26 पर और निफ्टी 21.95 अंक या 0.09 फीसदी बढ़कर 24,596.15 पर बंद हुआ। लगभग 1716 शेयरों में तेजी आई, 1996 शेयरों में गिरावट आई और 129 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी निफ्टी के टॉप गेनरों में हीरो मोटोकॉर्प, टेक महिंद्रा, विप्रो, इटरनल और जेएसडब्ल्यू स्टील शामिल रहे। जबकि, निफ्टी के टॉप लूजरों में अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा मोटर्स और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के नाम शामिल रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.3 फीसदी की तेजी रही। वहीं, स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट रहा। सभी सेक्टोरल इंडेक्सों ने इंट्राडे नुकसान के अधिकांश हिस्से की भरपाई कर ली। आईटी, मीडिया और फार्मा इंडेक्स 0.5-1 फीसदी बढ़त लेकर बंद हुए।
एमके ग्लोबल का कहना है कि लिस्टेड कंपनियों की अर्निंग्स पर ट्रंप के टैरिफ़ का सीधा असर सीमित है। "हालांकि,50 फीसदी टैरिफ़ से अमेरिका को भारतीय निर्यात लगभग पूरी तरह ठप हो जाएगा। इससे कपड़ा और आभूषण जैसे रोज़गार देने वाले सेक्टरों पर गंभीर असर पड़ेगा। उम्मीद है कि सरकार इन सेक्टरों को वित्तीय सहायता देगी,जिसमें बैंकों को संभावित एनपीए से बचाना भी शामिल है।"
ब्रोकरेज ने आगे कहा कि घरेलू खपत पर भारत की ज्यादा निर्भरता से ट्रंप टैरिफ का बहुत बुरा असर नहीं होगा। हालांकि इस तरह के संकट का मुकाबला करने के लिए टारगेटेड इंसेंटिव्स की जरूत है। एमके ने आगे कहा, "शॉर्ट में,इससे चालू खाते के घाटे की परेशानियों, रुपये की कमज़ोरी,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयरों में गिरावट का एक दुष्चक्र शुरू हो सकता है। लिए यह सारी परेशानी शॉर्ट टर्म की हेगी।"
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "बाजार में घबराहट फैलने की संभावना नहीं है, लेकिन निकट भविष्य में कमजोरी जारी रहेगी। चूंकि अनिश्चितता काफी अधिक है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। निकट भविष्य में निर्यात पर आधारित कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रहेगी। बैंकिंग और फाइनेंशियल, टेलीकॉम, होटल, सीमेंट, कैपिटल गुड्स और ऑटोमोबाइल जैसे घरेलू खपत पर ज्यादा निर्भर करने वाले सेक्टर मजबूत बने रहेंगे।"
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