भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI)इस हफ्ते होने वाली अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रख सकता है। हालांकि, इनपुट लागत का दबाव कम हो रहा है और खुदरा महंगाई भी 5 फीसदी के स्तर से कम हो गई है। लेकिन कमजोर मानसून और वैश्विक अनिश्चितताओं की संभावनाओं के बीच आरबीआई अभी ब्याज दरों पर वेट एंड वॉच की रणनीति अपना सकता है। ये बातें मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में शेयरखान को गौरव दुआ ने कही हैं।
मेटल और एनर्जी जैसी ग्लोबल कमोडिटी से जुड़े शेयरों में एक्पोजर रखें कम
इक्विटी रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट और निवेश रणनीति का 20 से ज्यादा का अनुभव रखने वाले गौरव की सलाह है कि ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितताओं को देखते हुए मेटल और एनर्जी जैसी ग्लोबल कमोडिटी से जुड़े शेयरों में अपना एक्पोजर कम रखें। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर्स की मांग पर दबाव देखने को मिल रहा है। निकट की अवधि में ये इन सेक्टर के स्टॉक्स में सुस्ती देखने को मिल सकती है।
क्या निवेशकों को उन सेक्टर पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए जिनमें मार्च तिमाही के नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड देखने को मिला है? इसका जवाब देते हुए गौरव दुआ ने कहा कि यह सच है कि जिन सेक्टरों की कमाई में गिरावट देखने के मिलती है वे अंडरपरफॉर्म करते हैं। दूसरी ओर, जिन शेयरों के आय अनुमानों में सुधार देखने को मिलता है उनसे बेहतर प्रदर्शन की संभावना अधिक रहती है। हालांकि, बाजार इससे कहीं ज्यादा जटिल होता हैं। निवेशकों निवेश के पहले शेयर के वैल्यूएशन की जांच करनी चाहिए। ये भी ध्यान में रखना चाहिए की इस तरह के अपग्रेड/डाउनग्रेड का असर शेयर की कीमत में पहले से ही शामिल हो सकता है।
क्या आप ग्रीन एनर्जी के लेकर बहुत ज्यादा बुलिश हैं?
इस पर अपनी बात रखते हुए गौरव दुआ ने कहा कि ग्रीन एनर्जी देश और इकोनॉमी में बुनियादी ग्रोथ से जुड़ी थीम है। इसमें आगे अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि, इसका ये मतलब यह नहीं है कि निवेशक इस सेक्टर से जुड़े शेयरों को किसी भी भाव पर खरीद लें। कभी-कभी उम्मीदें वास्तविकता से बहुत ज्यादा आगे निकल जाती हैं और स्टॉक की कीमतों में फुलाव आ जाता है। हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए।
ये ध्यान में रखने की बात हा कि बहती गंगा में हाथ धोने के लिए तेजी में चल रहे सेक्टर में तमाम नए खिलाड़ी कूद जाते हैं। इनमें सभी न तो ग्रोथ करते हैं और न ही सरवाइव कर पाते हैं। ऐसे में हमें अपने स्टॉक सेलेक्शन में बहुत सावधान रहने को जरूरत होती है।
आईटी में चुनिंदा शेयरों पर ही लगाएं दांव
आप आईटी क्षेत्र में निवेश कब शुरू करना चाहेंगे? इस पर गौरव ने कहा कि उनके कुछ इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में पहले से ही कुछ मिड कैप आईटी कंपनियां शामिल हैं। हालिया की रैली में शेयरखान ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और जेनसार टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में अच्छी मुनाफावसूली भी की है। लेकिन निकट भविष्य में आईटी सेक्टर में बहुत सावधानी के साथ चुनिंदा शेयरों में ही दांव लगाने की सलाह होगी।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां लग रही अच्छी
गौरव दुआ का कहना है कि चौथी तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इंजीनियरिंग, ऑटो एनसिलरी और बिल्डिंग मटेरियल से जुड़ी मिड साइज कंपनियों को वॉल्यूम में भारी बढ़त देखने को मिली है। इनके मैनेजमेंट की कमेंट्री और इनका डिमांड आउटलुक भी काफी अच्छा रहा है। उत्पादन लागत में गिरावट के साथ ही इन कंपनियों के मैनेजमेंट का आत्मविश्वास में बढ़त देखने को मिली है।
निफ्टी 16000-18000 के स्तर के 2000 अंकों के दायरे से बाहर, अब दिखेगी तेजी
बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि निफ्टी 16000-18000 के स्तर के 2,000 अंकों के दायरे से बाहर निकल आया है और बाजार 2023 की दूसरी छमाही में नए शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार दिख रहा है। दिलचस्प बात यह है कि अक्टूबर 2021 में हाई के बाद ब्रॉडर मार्केट 18-20 महीनों करेक्शन के दौर में रहे। लेकिन अब ब्रॉडर मार्केट भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय इकोनॉमी भी अपने मल्टीईयर अपसाइकिल की शुरुआत कर चुकी है। ऐसे में भारतीय इक्विटी मार्केट हमें जल्द ही नई ऊंचाई छूते नजर आएंगे।
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