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बाजार 2023 की दूसरी छमाही में नया शिखर छूने के लिए तैयार, ग्लोबल एक्पोजर वाले शेयरों से रहें सावधान

गौरव दुआ ने कहा कि जिन सेक्टरों की कमाई में गिरावट देखने के मिलती है वे अंडरपरफॉर्म करते हैं। दूसरी ओर, जिन शेयरों के आय अनुमानों में सुधार देखने को मिलता है उनसे बेहतर प्रदर्शन की संभावना अधिक रहती है। हालांकि, बाजार इससे कहीं ज्यादा जटिल होता हैं। निवेशकों निवेश के पहले शेयर के वैल्यूएशन की जांच करनी चाहिए

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 06, 2023 पर 2:22 PM
बाजार 2023 की दूसरी छमाही में नया शिखर छूने के लिए तैयार, ग्लोबल एक्पोजर वाले शेयरों से रहें सावधान
अब ब्रॉडर मार्केट भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय इकोनॉमी भी अपने मल्टीईयर अपसाइकिल की शुरुआत कर चुकी है। ऐसे में भारतीय इक्विटी मार्केट हमें जल्द ही नई ऊंचाई छूते नजर आएंगे

भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI)इस हफ्ते होने वाली अपनी आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रख सकता है। हालांकि, इनपुट लागत का दबाव कम हो रहा है और खुदरा महंगाई भी 5 फीसदी के स्तर से कम हो गई है। लेकिन कमजोर मानसून और वैश्विक अनिश्चितताओं की संभावनाओं के बीच आरबीआई अभी ब्याज दरों पर वेट एंड वॉच की रणनीति अपना सकता है। ये बातें मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में शेयरखान को गौरव दुआ ने कही हैं।

मेटल और एनर्जी जैसी ग्लोबल कमोडिटी से जुड़े शेयरों में एक्पोजर रखें कम

इक्विटी रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट और निवेश रणनीति का 20 से ज्यादा का अनुभव रखने वाले गौरव की सलाह है कि ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितताओं को देखते हुए मेटल और एनर्जी जैसी ग्लोबल कमोडिटी से जुड़े शेयरों में अपना एक्पोजर कम रखें। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ एक्सपोर्ट आधारित सेक्टर्स की मांग पर दबाव देखने को मिल रहा है। निकट की अवधि में ये इन सेक्टर के स्टॉक्स में सुस्ती देखने को मिल सकती है।

क्या निवेशकों को उन सेक्टर पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए जिनमें मार्च तिमाही के नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड देखने को मिला है? इसका जवाब देते हुए गौरव दुआ ने कहा कि यह सच है कि जिन सेक्टरों की कमाई में गिरावट देखने के मिलती है वे अंडरपरफॉर्म करते हैं। दूसरी ओर, जिन शेयरों के आय अनुमानों में सुधार देखने को मिलता है उनसे बेहतर प्रदर्शन की संभावना अधिक रहती है। हालांकि, बाजार इससे कहीं ज्यादा जटिल होता हैं। निवेशकों निवेश के पहले शेयर के वैल्यूएशन की जांच करनी चाहिए। ये भी ध्यान में रखना चाहिए की इस तरह के अपग्रेड/डाउनग्रेड का असर शेयर की कीमत में पहले से ही शामिल हो सकता है।

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