वौलेटिलिटी के बावजूद इस साल के अंत तक निफ्टी पार कर लेगा 18000 का स्तर: मार्केट सेंटीमेंट सर्वे

सर्वे में शामिल 10 फीसदी मनी मैनेजरों की राय है कि इस साल के अंत तक निफ्टी में 18500 के ऊपर का स्तर भी मुमकिन है। जबकि बाकी मैनेजरों का कहना है कि इस साल के अंत तक निफ्टी में 17000 के नीचे का स्तर देखने को मिलेगा

अपडेटेड Oct 21, 2022 पर 2:54 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस पोल में शामिल 40 फीसदी मनी मैनेजर मेटल्स को लेकर बियरिश हैं। जबकि 30 फीसदी मनी मैनेजरों का कहना है कि नए युग की इंटरनेट आधारित कंपनियों में अगले 2 साल तक पैसा बनने का कोई मौका नहीं नजर आ रहा

कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से पिछले कुछ महीनों में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन ये अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहा है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि इस साल के अंत तक बाजार में ये मजबूती बनी रहेगी। मनीकंट्रोल की तरफ से करवाए गए एक सर्वे में 60 फीसदी से ज्यादा मनी मैनेजरों ने कहा है कि निफ्टी में इस साल के अंत तक 18000 का स्तर देखने को मिल सकता है। जबकि सर्वे में शामिल 10 फीसदी मनी मैनेजरों की राय है कि इस साल के अंत तक निफ्टी में 18500 के ऊपर का स्तर भी मुमकिन है। जबकि बाकी मैनेजरों का कहना है कि इस साल के अंत तक निफ्टी में 17000 के नीचे का स्तर देखने को मिलेगा।

21 अक्टूबर को निफ्टी में कुछ बढ़त देखने को मिली और रुपए में गिरावट के दबाव के बावजूद ये कुछ बढ़त हासिल करते हुए 17630 का स्तर छूता दिखा। गौरतलब है कि इस समय डॉलर के मुकाबले रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तरों पर है। इस पोल में शामिल 70 फीसदी मनी मैनेजरों का मानना है कि इस साल के अंत तक रुपया कुछ मजबूती हासिल करते हुए 80-82 के स्तर के आसपास रह सकता हैं। वहीं, बाकी मनी मैनेजरों की राय है कि साल के अंत तक रुपया डॉलर के मुकाबले रुपया 82 के ऊपर चला जाएगा। वर्तमान में डॉलर के मुकाबले रुपया 83 के आसपास चक्कर लगा रहा है।

भारतीय बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त एक दूसरा जोखिम है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त से देश के वित्तीय घाटे में बढ़त तो होगी ही। साथ ही मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कच्चे माल की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी। इस सब का असर अंत में प्रोडक्ट और सर्विसेज के भाव में बढ़त के रूप में सामने आएगा। इस पोल में शामिल 70 फीसदी मनी मैनेजरों की राय है कि इस साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें 85-95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेंगी। वर्तमान में कच्चा तेल 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास दिख रहा है।


बाजार के लिए एक बात जो सकारात्मक रही है वह यह है कि तिमाही नतीजों का चालू सीजन अब तक उम्मीद से बेहतर रहा है। इस सीजन के दौरान जो सेक्टर सुर्खियों में रहा है वह बैंकिंग सेक्टर। इस दौरान लगभग सभी बैंकों के credit और deposit में अच्छी ग्रोथ हुई है। मनी मैनेजर भी अपने पोर्टफोलियो में अल्फा जेनरेट करने के लिए इस सेक्टर पर भरोसा कर रहे हैं।

इस सर्वे में शामिल 40 फीसदी मनी मैनेजरों ने कहा कि वो अगले दो साल की अवधि के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर सबसे अधिक आशावादी हैं। जबकि 30 फीसदी मनी मैनेजरों ने इसी अवधि के लिए ऑटोमोबाइल को अपनी पसंदीदा सेक्टर के रूप में चुना है।

सर्वेक्षण में, 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे दो साल के अवधि के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर सबसे अधिक आशावादी हैं। जबकि 30 प्रतिशत ने इसी अवधि के लिए ऑटोमोबाइल को अपने पसंद के रूप में चुना। डिफेंस सेक्टर में 20 फीसदी मनी मैनेजर बुलिश हैं। जबकि 10 फीसदी मनी मैनेजर केमिकल सेक्टर को लेकर बुलिश हैं।

Daily Voice: कैलेंडर ईयर 2023 की आखिरी हिस्से में निवेशकों को मिलेगा जोरदार रिटर्न

इस पोल में शामिल 40 फीसदी मनी मैनेजर मेटल्स को लेकर बियरिश हैं। जबकि 30 फीसदी मनी मैनेजरों का कहना है कि नए युग की इंटरनेट आधारित कंपनियों में अगले 2 साल तक पैसा बनने का कोई मौका नहीं नजर आ रहा। आईटी, फार्मा और एफएमसीजी पर भी 10 फीसदी मनी मैनेजर मंदी का नजरिया रखते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।