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Market Strategy: अभी भी बाजार में दोनों तरफ के हैं मौके, बाजार में कुछ दिन लॉन्ग साइड के मौके खोजें

आज सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी भी है और एक महत्वपूर्ण बात निफ्टी की मंथली एक्सपायरी सोमवार को है। कल भी बाजार में छुट्टी रहेगी। इसका मतलब आज को मिलाकर निफ्टी की मंथली एक्सपायरी में अब सिर्फ 3 दिन बचे हैं । ऐसे में आपको अपनी ट्रेडिंग पोजिशन्स को एडजस्ट करना होगा। बाजार में कल हमारी 'Buy On Dips' की रणनीति थी। आज भी बेसिक रणनीति वही रहेगी

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Mar 25, 2026 पर 9:33 AM
Market Strategy: अभी भी बाजार में दोनों तरफ के हैं मौके, बाजार में कुछ दिन लॉन्ग साइड के मौके खोजें
Market Strategy: बैंक निफ्टी में अब गिरावट पर खरीदारी करें। बस एक दिक्कत है कि SL काफी नीचे होगा। क्रूड पर नजर रखें, अगर ऊपर आया तो बैंक निफ्टी गिरेगा।

सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल

बाजार में कल एक स्क्रिप्ट के हिसाब से परफेक्ट चाल दिखाई। पहले गैपअप में बिकवाली हुई और फिर लो से अच्छी रिकवरी हुईऔर जाते-जाते लगभग दिन के हाई पर हम बंद हुए। और संभव है कि ये रैली 23,300-23,800 तक खिंच जाए। 23,800 के आस-पास इस रैली का असली टेस्ट होगा। तब तक ये भी साफ हो जाएगा कि युद्ध खत्म हुआ या नहीं। अभी तो सिर्फ सोर्स बेस्ड न्यूज कह रही हैं कि सीजफायर है। लेकिन ये साफ है कि US अब चाहता है कि ये युद्ध खत्म हो। हमारे लिए सबसे बड़ी राहत की बात क्रूड का गिरना है। और अगर क्रूड $80 के नीचे आया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। अब इस बाजार में कुछ दिन लॉन्ग साइड के मौके खोजें। पोजिशनल शॉर्ट्स को अब एक बार के लिए कवर करना बनता है। इसका मतलब ये नहीं कि बस अब सब ठीक है और ऑल टाइम हाई लगेगा। क्योंकि अब भी महंगी एनर्जी कीमतों का इकोनॉमी पर असर बाकी है। लेकिन एक सेंस बन रही है कि शायद सबसे खराब दौर बीत चुका है।

बाजार: आज के बड़े संकेत

आज का सबसे बड़ा संकेत ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दिया। गैर शत्रु जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोला गया। इसका मतलब तेल लाने वाले जहाज अब होर्मुज से आ सकेंगे और इसी कारण क्रूड प्राइस में बड़ी गिरावट दिखी। इंडियन क्रूड बास्केट $150 के पार निकली थी, अब वहां राहत मिलेगी। हमारे लिए इस लड़ाई में सबसे बड़ा फैक्टर ऑयल ही था। पूरी तरह से सेंटिमेंट सुधरने के लिए ऑयल का $80 के नीचे आना जरूरी है। ये समझना जरूरी है कि ट्रंप युद्ध से पीछे क्यों हटे हैं।

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