भारतीय बाजार पिछले 8 कारोबारी सत्रों में 9 फीसदी से ज्यादा बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा है। बाजार ने यूएस फेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी चिंता को दरकिनार करते हुए ग्लोबल इक्विटी मार्केट के साथ कदम से कदम मिलाते हुए तेजी पकड़ी है। बाजार को सपोर्ट करने के चीन के संकल्प, रूस-यूक्रेन में शांति वार्ता में हुई प्रगति और अमेरिकी इकोनॉमी पर यूएस फेड के पॉजिटिव कमेंट ने मार्केट सेंटीमेंट को बूस्ट किया है।
आज के कारोबार में 1.15 बजे के आसपास सेंसेक्स 1123 अंक यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 57,940 के आसपास नजर आ रहा था। वहीं निफ्टी करीब 325 अंक यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 17,300 के पार दिख रहा था। 7 मार्च से अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में दोनों में करीब 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
इस बीच दूसरे ग्लोबल मार्केट में नजर डाले तो इस अवधि में हैंगसेंग 4 फीसदी, निक्केई 3 फीसदी, Kospi 1.8 फीसदी, ऑस्ट्रिलया के ASX 200 में 1.4 फीसदी और शांघाई कम्पोजिट में 1.2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
जानिए तेजी की क्या है वजह
यूएस फेड द्वारा दरों में इजाफा
यूएस फेड ने अपनी ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है जो बाजार के उम्मीद के अनुरूप है। इसके अलावा फेड ने इस साल 6 बार और ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि देश में बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए यूएस इकोनॉमी पर्याप्त तौर पर मजबूत है। फेड के चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा है कि देश की इकोनॉमी मौद्रिक नीति में किसी भी कड़ाई के लिए पर्याप्त मजबूत है। उनके इस कथन को अमेरिका ही नहीं दुनिया भर के बाजारों ने पंसद किया है।
कच्चे तेल के भाव में गिरावट
रूस और यूक्रेन के शांति संधि के करीब पहुंचने की संभावना के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के भाव 100 डॉलर के नीचे फिसल गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का दुनिया भर के बाजारों सहित भारतीय बाजारों में पॉजिटिव असर देखने को मिला है।
बाजार को चीन का समर्थन देनें का संकल्प
चीन की तरफ से एक आधिकारिक बयान आया है कि जिसमें कहा गया है कि चीनी सरकार संकट के दौर से गुजर रहे चीनी शेयर बाजार को सपोर्ट और स्थिरता देने के लिए पूरी कोशिश करेगी। चीन के सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, चीन की सरकार ने कहा है कि वो स्टॉक मार्केट को स्थिर रखने और चीन की कंपनियों के शेयरों की विदेशी लिस्टिंग को पूरा सपोर्ट करेगी। इस खबर के चलते भी आज बाजार में जोश देखने को मिला।
RBI पॉलिसी एकोमोडेटिव बनी रहने की उम्मीद
तमाम जानकारों का अनुमान है कि आरबीआई देश में इकोनॉमी को सपोर्ट करने के लिए एकोमोडेटिव रुख पर कायम रहेगा। आरबीआई की रेपो रेट 4 फीसदी पर बनाए रखी जाएगी और अप्रैल में होने वाली पॉलिसी में आरबीआई का रूख एकोमोडेटिव बना रहेगा। गौरतलब है कि खुदरा महंगाई दर फरवरी में आरबीआई द्वारा मान्य सीमा के 6 फीसदी के अपर लिमिट को पार कर गया, लेकिन जानकारों का कहना है कि आरबीआई महंगाई बढ़ने की वजह सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों को मानते हुए अपने रूख को एकोमोडेटिव बनाए रहेगा और ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी न करके अपनी नीतियों में नरमी कायम रखेगा।
अक्टूबर के बाद से भारतीय बाजार में FII भारी मात्रा में बिकवाली करते नजर आए थे। अक्टूबर से अब तक FII की तरफ से 2.3 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली थी। लेकिन कल यानी बुधवार को इतनी लंबी अवधि के बाद पहली बार FII की तरफ भारतीय बाजार में खरीदारी देखने को मिली। NSE पर उपलब्ध आकंड़ों के मुताबिक, कल FII ने भारतीय बाजार में 311 करोड़ रुपये की खरीदारी की।