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FIIs की सिर्फ 1% बिकवाली से घबराने के जरूरत नहीं, डिजिटल इंफ्रा और वैक्सीन से जुड़ी फार्मा कंपनियों में बनेंगे पैसे -BSE मेंबर रमेश दमानी

रमेश दमानी की राय है कि डिजिटल इंफ्रा से जुड़ी कंपनियों पर फोकस करें। उनका कहना है कि डिजिटल इंफ्रा डेवलपमेंट के लिए जो कुछ भी भारत में हो रहा है वह पूरी दुनिया में कहीं भी नहीं हो रहा है। दमानी जी वैक्सीन से जुड़ी फार्मा कंपनियों पर बुलिश हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 04, 2024 पर 6:43 PM
FIIs की सिर्फ 1% बिकवाली से घबराने के जरूरत नहीं, डिजिटल इंफ्रा और वैक्सीन से जुड़ी फार्मा कंपनियों में बनेंगे पैसे -BSE मेंबर रमेश दमानी
दमानी जी वैक्सीन से जुड़ी फार्मा कंपनियों पर बुलिश हैं। उनका कहना है कि मिडकैप फार्मा स्पेस में ऐसी बहुत सी कंपनियां हैं जो ब्रेस्ट कैंसर और डेंगी जैसे रोगों के लिए वैक्सीन बनाने पर फोकस कर कर रही हैं

BSE के मेंबर रमेश दमानी का कहना है कि निवेशकों को FIIs की बिकवाली से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हाल ही में दमानी जी ने सीएनबीसी-आवाज़ से कहा कि FIIs ने भारत में अपने निवेश का सिर्फ 1 फीसदी हिस्सा ही बेचा है। साथ ही उन्होने डिजिटल इंफ्रा और वैक्सीन से जुड़ी फार्मा कंपनियों में निवेश की सलाह दी है। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि FIIs की बिकवाली से घबराने की जरूरत नहीं है। FIIs का भारत में 800 अरब डॉलर का निवेश है। FIIs ने अभी सिर्फ 10 अरब डॉलर की बिकवाली की है। बाजार में आया करेक्शन लंबी अवधि के लिए अच्छा है।

FIIs की बिकवाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया

उनका कहना है कि FIIs की बिकवाली और खरीदारी बाजार की गतिविधि का ही एक हिस्सा है। अगर कोई खरीदारी करता है तो उसे बेचने का भी अधिकार है। उनकी बिकवाली से हमें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस खरीद बिक्री से बाजार हेल्दी होता है। रमेश दमानी ने कहा कि वे FIIs की बिकवाली को लेकर बिल्कुल ही चिंतित नहीं हैं। अगर विदेशी निवेशकों ने 800 अरब डॉलर का निवेश का निवेश करके सिर्फ 1 फीसदी यानी 10 अरब डॉलर की बिकवाली की है तो इसमें कुछ भी अस्वाभाविक नहीं है।

डिजिटल इंफ्रा से जुड़ी कंपनियों पर करें फोकस

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