Market trend : फोकस सिर्फ पैसा बचाने पर रहे, अभी भी बॉटम खोजने की गलती नहीं करें

Market trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी ने सीरीज का नया लो बना दिया है। सीरीज के आखिरी दिन नया निचला स्तर बना है। इससे पता चलता है कि ये सीरीज कितनी खराब रही है। कोविड वाली गिरावट के बाद ये मार्च सबसे खराब महीना रहा है। हर रैली बिकवाली में बदल गई। आज सबसे बड़ा फैक्टर रुपए की रैली का फेल होना था

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 2:42 PM
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Trading Strategy : आज भी हमारी रणनीति रिकवरी में बिकवाली की थी। सुबह गैपडाउन के बाद रिकवरी बुरी तरह फेल हुई। पोजिशनल शॉर्ट्स को तो कुछ करने की भी जरूरत नहीं है

Market trend : मंथली एक्सपायरी के दिन बुल्स ने घुटने टेक दिए हैं। रुपये की रिकवरी फेल होने से सेंटिमेंट और बिगड़े हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी ने सीरीज का 'फ्रेश लो,हिट किया है। मिड और स्मॉलकैप में भी 2 फीसदी की गिरावट है। इस बार कोविड के बाद की सबसे खराब मार्च सीरीज रही है। पूरी सीरीज में निफ्टी अब तक 10 फीसदी तो बैंक निफ्टी 14 फीसदी नीचे गिरा है। RBI के एक्शन के बाद भी रुपया नहीं संभल पाया है। यह ऊपरी स्तरों से 1 रुपये 7 पैसे कमजोर हुआ है। OMCS की तरफ से आई भारी डिमांड के साथ ही ऑन शोर और NDL मार्केट के अंतर घटने से रिकवरी छू मंतर हो गई है।

फाइनेंशियल,बैंकिंग,IT और ऑटो में भारी सेलिंग प्रेशर देखने को मिल रहा है। सरकारी बैंक इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसला है। साथ ही NBFCs,रियल्टी और कैपिटल मार्केट भी दो फीसदी से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहे हैं।

बाजार: सीरीज का नया लो


ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने सीरीज का नया लो बना दिया है। सीरीज के आखिरी दिन नया निचला स्तर बना है। इससे पता चलता है कि ये सीरीज कितनी खराब रही है। कोविड वाली गिरावट के बाद ये मार्च सबसे खराब महीना रहा है। हर रैली बिकवाली में बदल गई। आज सबसे बड़ा फैक्टर रुपए की रैली का फेल होना था। ब्रेंट क्रूड अभी भी सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। फाइनेंशियल्स ने एक बार फिर गिरावट की अगुवाई की।

बाजार: अब क्या?

पैसा बेचकर बन रहा है,लगातार यही बात हुई है। 24,800 से CNBC-आवाज़ पर सिर्फ बेचने का नजरिया रहा है। हमें आपकी पूंजी की फिक्र है,फोकस सिर्फ पैसा बचाने पर है और अभी भी बॉटम खोजने की गलती नहीं करेंगे। क्रूड की तेजी ने भारत के समीकरण बदल दिए हैं। अगर क्रूड यहां नहीं रुका तो 21,000 बचाना भी मुश्किल होगा। डॉलर-रुपया 100 तक पहुंचने का भी जोखिम काफी ज्यादा है। 2 दिनों की छुट्टी से भी थोड़ा असर पड़ा है। किसकी हिम्मत होगी परसों के लिए कैरी करने की? डॉनल्ड ट्रंप या ईरान का कोई भरोसा नहीं है। अगर युद्ध शांत हो रहा होता तो क्रूड गिर चुका होता। ये मत सोचें कि बाजार ने खराब दौर को पचा लिया है।

निफ्टी पर रणनीति

आज भी हमारी रणनीति रिकवरी में बिकवाली की थी। सुबह गैपडाउन के बाद रिकवरी बुरी तरह फेल हुई। पोजिशनल शॉर्ट्स को तो कुछ करने की भी जरूरत नहीं है। इंडिया VIX बाजार का हाल बता रहा है। आज फिर बड़ी FII बिकवाली होने का रिस्क रहेगा।

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बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में सीरियस वाला प्राइस डैमेज है। 49,000-50,000 हमारा लक्ष्य रहा है। अब उस लक्ष्य से ज्यादा दूर नहीं हैं।

 

 

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