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Market Trend: इस तिमाही के नतीजों से खास उम्मीदें नहीं, इन सेक्टर्स में मिलेंगे निवेश के मौके

हर्षा उपाध्याय ने कहा कि टैरिफ वॉर के असर नेगेटिव पड़ने की संभावना है। भारतीय अर्थव्यवस्था डोमेस्टिक फोकस्ड है। भारत एक्सपोर्ट पर ज्यादा डिपेंड नहीं है। बाजार ने कोविड के बाद से अच्छा खासा रिटर्न मिला। काफी समय से ग्लोबल चुनौतियां ज्यादा है। अभी आने वाले 1-2 तिमाही ज्यादा ग्रोथ संभव नहीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2025 पर 9:11 AM
Market Trend: इस तिमाही के नतीजों से खास उम्मीदें नहीं, इन सेक्टर्स में मिलेंगे निवेश के मौके
एनर्जी सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगले 5-6 साल सेक्टर के लिए बहुत बढ़िया है। ऑयल प्रोडेक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन को कवर किया है।

US टैरिफ पर 90 दिन की राहत से बाजार ने शानदार कमबैक किया। 11 अप्रैल के बाजार में सेंसेक्स- निफ्टी में करीब 2% तक चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,310 प्वाइंट चढ़ा तो निफ्टी ने 429 प्वाइंट की बढ़त हासिल किया। बैंक निफ्टी भी 1.5% से ज्यादा की तेजी पर बंद हुआ। ऐसे में आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी इस पर बात करते हुए Kotak Mahindra AMC के CIO Equity हर्षा उपाध्याय (Harsha Upadhyaya) ने कहा कि टैरिफ वॉर के असर नेगेटिव पड़ने की संभावना है। भारतीय अर्थव्यवस्था डोमेस्टिक फोकस्ड है। भारत एक्सपोर्ट पर ज्यादा डिपेंड नहीं है। बाजार ने कोविड के बाद से अच्छा खासा रिटर्न मिला। काफी समय से ग्लोबल चुनौतियां ज्यादा है। अभी आने वाले 1-2 तिमाही ज्यादा ग्रोथ संभव नहीं है। डोमेस्टिक मार्केट में सुधार संभव है। FY26 का सेकंड हाफ बेहतर रहने की संभावना है।

उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि लार्जकैप के वैल्युएशन बेहतर नजर आ रहे है। लंबी अवधि में लार्जकैप के वैल्युएशन रिस्क कम होगा। बाजार में थोड़ी और गिरावट की आशंका है। मिड-स्मॉलकैप के वैल्युएशन थोड़े महंगे है। ऐसे में बाजार में अभी सतर्क रहने की सलाह है। बड़ी कंपनियां वोलैटिलिटी को झेल लेते हैं। मिड, स्मॉल बिजनेस वोलैटिलिटी को झेल नहीं पाते।

अर्निंग सीजन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस तिमाही के नतीजों से खास उम्मीदें नहीं है। मिड-स्मॉलकैप में थोड़ा नेगेटिव होने की संभावना है। लार्जकैप में नेगेटिव असर कम दिखने की उम्मीद है।

इन सेक्टर्स में हैं निवेश के मौके

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