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Market View : करेक्शन के बावजूद डिफेंस शेयरों के भाव अभी भी महंगे, फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और ऑटो शेयरों में है दम

Market View : इतिहास बताता है कि बाज़ार भू-राजनीतिक संघर्षों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हैं,लेकिन इसका असर थोड़े समय के लिए ही रहता है। उसके बाद बाज़ार अगले 12-18 महीनों में ज़ोरदार वापसी करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 2:39 PM
Market View : करेक्शन के बावजूद डिफेंस शेयरों के भाव अभी भी महंगे, फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और ऑटो शेयरों में है दम
Market View : हिमांशु कोहली ने कहा कि सेक्टोरल एलोकेशन के नजरिए से देखें तो फाइनेंशियल,कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी,ऑटो और ऑटो एंसिलरी और डिफेंस सेक्टर काफी अच्छे नजर आ रहे हैं

Market View : बाजार में हालिया करेक्शन के बावजूद डिफेंस शेयरों के वैल्यूएशन अभी भी महंगे हैं। हालांकि इस सेक्टर के फंडामेंट्ल्स मज़बूत नज़र आ रहे हैं। ये कहना है क्लाइंट एसोसिएट्स के को-फाउंडर हिमांशु कोहली का। मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि एक बड़ी गिरावट के बाद बाजार ज्यादार खराब खबरों का असर पचा चुका है। फिर भी अगर पश्चिम एशिया को लेकर स्थिति और बिगड़ती है या यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो कीमतों में और गिरावट की संभावना को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। मार्च में युद्ध शुरू होने के बीच, भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 11.5 फीसदी की गिरावट आई। इस दौरान FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) द्वारा रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई,जबकि DIIs (घरेलू संस्थागत निवेशक) 1.3 लाख करोड़ रुपये के नेट बॉयर रहे।

भू-राजनीतिक संघर्षों पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद बाजार में तेजी आने की उम्मीद

इस महीने के दौरान बाज़ार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बॉन्ड यील्ड्स में मज़बूती आई और रुपया लगातार कमज़ोर होता गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के कारण महंगाई की आशंकाएं और बढ़ता हुआ CAD (चालू खाता घाटा) का जोखिम बना हुआ है। इतिहास बताता है कि बाज़ार भू-राजनीतिक संघर्षों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हैं,लेकिन इसका असर थोड़े समय के लिए ही रहता है। उसके बाद बाज़ार अगले 12-18 महीनों में ज़ोरदार वापसी करते हैं।

बाजार पर महंगाई बढ़ने का डर हावी

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